Friday, July 19, 2024
कविता

अगर सूर्य ने ब्याह किया ,दस पांच पुत्र जन्माएगा

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उठी एक अफवाह सूर्य की शादी होने वाली है।
वर के विमल मोर मे मोती उषा पिरोने वाली है।।

मोर करेगे नाच गीत कोयल सुहाग के जाएगी।
लता विटप मंडप- वितान से वंदन वार सजाएगी।।

जीव जन्तु भर गये खुशी से ,वन की पात-पात डोली।
इतने मे जल के भीतर से एक बृद्ध मछली बोली।।

सावधान जलचरो ,खुशी मे सबके साथ नही फूलो।
ब्याह सूर्य का ठीक मगर ,तुम इतनी बात नही भूलो।।

एक सूर्य के मारे हम विपद कौन कम सहते है।
गर्मी भर सारे जलवासी झटपट करते रहते है।।

अगर सूर्य ने ब्याह किया ,दस पांच पुत्र जन्माएगा ।
सोचो तब उतने सूर्यो का ताप कौन सह पाएगा।।

अच्छा है, सूरज क्वारा है, वंश विहिन अकेला है।
इस प्रचण्ड का ब्याह जगत की खातिर एक झमेला है।।

                                           रामधारी सिंह ,दिनकर,