Sunday, July 21, 2024
देश

सरकार को उठाने होंगे ठोस कदम

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सिर्फ Social Media पर ही हो रहा चीनी सामान का बहिष्कार, सरकार को उठाने होंगे ठोस कदम!चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच एक तरफ भारत सरकार  चीन को आर्थिक मोर्चे पर सबक सिखाने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर देश के नागरिक भी एक सुर में कहने लगे हैं कि वे चीन के समान का बहिष्कार करेंगे. कोई सोशल मीडिया में बहिष्कार करने की अपील कर रहा है तो कोई आत्मनिर्भर भारत की बात कहते हुए ऐसे सामान की खरीदारी नहीं करने की आवाज बुलंद कर रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि पटना के चांदनी मार्केट, बाकरगंज का अब क्या होगा, जो चीन में बने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का हब है. यहां पिछले दिनों बिक्री में कुछ गिरावट जरूर आई है लेकिन वो चाइनीज प्रोडक्ट्स के बहिष्कार से आई है या लॉकडाउन के बाद उपजी मंदी से ये कहना मुश्किल है.

सरकार को देना होगा विकल्प

यहां के दुकानदारों के पास अभी भी चाइनीज सामान भरे पड़े हैं और इसकी बिक्री भी हो रही है. बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी  में वास्तविक नियंत्रण रेखा  पर भारत-चीन के बीच सीमा विवाद  जारी है. LAC पर भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद लोगों में काफी आक्रोश है. हालांकि लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद कुछ तबकों में चीनी सामान के बहिष्कार का अभियान जोर पकड़ रहा है लेकिन बाजारों में चाइनीज सामान काफी मात्रा में मौजूद है. लोगों से से इनके बहिष्कार की अपील की जा रही है लेकिन सरकार द्वारा इनके आयात पर कोई प्रतिबंध अब तक नहीं लगाया गया है. स्टेशन रोड स्थित चांदनी मार्केट के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी अजय चौरसिया का कहना है कि चीन के साथ चल रहे विवाद के कारण अब चाइनीज उत्पाद की बिक्री में निश्चित रूप से कमी आएगी. लेकिन पूर्ण रूप से बंद करने के लिए सरकार को विकल्प देना होगा. अगर चाइना से सामान आएगा तो दुकानदार बेचेंगे ही. उन्होंने कहा कि सुबह उठने के साथ ही रात में सोने तक किन-किन चाइनीज सामान का हम उपयोग कर जाते हैं कई लोगों को यह पता भी नहीं चलता है. चाइनीज सामान का बहिष्कार सिर्फ बोलने से नहीं होगा. इस पर सरकार को ही ठोस कदम उठाने होंगे.