Friday, July 19, 2024
राजनीति

सीएम गहलोत का कोटा दौरा अचानक रद्द

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 12 सितंबर का कोटा दौरा अचानक रद्द हो गया है। सीएम को कोटा में पांच हजार करोड़ रुपए की लागत से हुए विकास कार्यों का लोकार्पण करना था। इसमें चंबल नदी पर बने रिवर फ्रंट का लोकार्पण भी शामिल था। तय कार्यक्रम के अनुसार 12 और 13 सितंबर को सीएम को कोटा में ही रहना था। इस दौरान मंत्री परिषद की बैठक प्रस्तावित थी। कोटा नगर सुधार न्यास की ओर से 12 सितंबर को अखबारों में जो विज्ञापन प्रकाशित हुआ, उसमें भी सीएम गहलोत की उपस्थिति बताई गई, लेकिन सीएम गहलोत कोटा नहीं गए। रिवर फ्रंट का लोकार्पण नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी की उपस्थिति में ही हुआ। इस अवसर पर कई मंत्री भी शामिल रहे। सीएम का दौरा अचानक रद्द होने को लेकर अनेक कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सीएम का स्वास्थ्य नासाज है, वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि चंबल नदी पर बने रिवर फ्रंट में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्धारित माप दंडों का उल्लंघन किया गया है। इसको लेकर ट्रिब्यूनल में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन के मद्देनजर ही सीएम लोकार्पण समारोह से दूर रहे। सीएम के नहीं जाने से लोकार्पण समारोह फीका नजर आया। सबसे ज्यादा मायूसी मंत्री धारीवाल को हुई। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को जयपुर में हुई पार्टी की एक बैठक में सीएम गहलोत और अशोक चांदना के बीच जो विवाद हुआ, उससे गहलोत बेहद खफा बताए गए। गहलोत को इस बात का अफसोस रहा कि जिन अशोक चांदना को उन्होंने राजनीति में आगे बढ़ाया वही चांदना अब सबके सामने उनसे बहस कर रहे हैं। मालूम हो कि दो दिन पहले बिजली की समस्या को लेकर चांदना ने अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना दिया था। इस धरने से ही सीएम गहलोत नाराज थे। नाराजगी भी इतनी की गहलोत ने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से कहा कि जो मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना दे उसके विरुद्ध अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया जाए।