जौनपुर में सूदखोरी का शिकंजा: दबंगों ने किसान की फसल लूटी, विरोध पर गाली गलौज व जान से मारने की धमकी,  – BBC India News 24
21/04/26

जौनपुर में सूदखोरी का शिकंजा: दबंगों ने किसान की फसल लूटी, विरोध पर गाली गलौज व जान से मारने की धमकी, 

जौनपुर में सूदखोरी का शिकंजा: दबंगों ने किसान की फसल लूटी, विरोध पर गाली गलौज व जान से मारने की धमकी,

जौनपुर जनपद के केराकत थाना क्षेत्र के नरहन (चकरारोट) गांव से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के ही दबंग और कथित अवैध सूदखोरों ने न सिर्फ उसकी तैयार फसल लूट ली, बल्कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी।

प्रार्थिनी सत्यवती देवी के अनुसार, उनके पति ने वर्ष 2014 में गांव के ही एक व्यक्ति से 3.60 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे ब्याज सहित वर्ष 2015 तक पूरी तरह चुका दिया गया। इसके बावजूद आरोपी पक्ष लगातार अवैध रूप से अतिरिक्त धन की मांग करता रहा और परिवार को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। पीड़िता का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पेशेवर सूदखोरी में लिप्त है और उसके पास कोई वैध लाइसेंस भी नहीं है।

मामला तब और गंभीर हो गया जब 14 मार्च 2026 को दिनदहाड़े आरोपियों ने संगठित होकर पीड़िता के खेत पर धावा बोल दिया और लगभग 3 बिस्वा में खड़ी सरसों की तैयार फसल को जबरन काटकर उठा ले गए। यह पूरी घटना न केवल कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का उदाहरण है, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता को भी उजागर करती है।

पीड़िता का कहना है कि जब उसने इस लूट का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे गालियां दीं, लात-घूंसों से मारा-पीटा और जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी। सवाल यह उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में ऐसे दबंग खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं?

प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिनमें जबरन वसूली, मारपीट, शरारत और आपराधिक धमकी शामिल हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश साहूकारी विनियमन अधिनियम, 1976 के तहत बिना लाइसेंस सूदखोरी करना भी संज्ञेय अपराध है।

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। क्या पीड़ितों को न्याय के लिए इस तरह दर-दर भटकना पड़ेगा? क्या दबंगों के हौसले इसी तरह बुलंद रहेंगे?

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, लूटी गई फसल की बरामदगी सुनिश्चित करने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

अब देखना यह है कि जौनपुर पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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