प्रतापगढ़ में MCTI डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य शुभारंभ
शिक्षा और तकनीक के संगम से जिले को मिली नई सौगात
प्रतापगढ़।
शिक्षा और तकनीक का संगम किसी भी समाज की प्रगति का आधार होता है। इसी सोच को साकार रूप देते हुए प्रतापगढ़ शहर में सोमवार को MDPG कॉलेज के ठीक सामने MCTI डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य शुभारंभ किया गया। इस शुभारंभ ने जिले के शैक्षिक जगत में नई उम्मीदें और संभावनाएँ जगाई हैं।
उद्घाटन का भव्य दृश्य
सोमवार सुबह से ही लाइब्रेरी परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और पत्रकारों का आना-जाना शुरू हो गया था। रंग-बिरंगे बैनर, स्वागत द्वार और सजावट से परिसर का वातावरण उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था।
कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद मंच से क्रमवार अतिथियों का परिचय और स्वागत किया गया। उपस्थित लोगों की तालियों से गूँजता माहौल कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा रहा था।
डिजिटल युग की आवश्यकता
कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ शिक्षाविदों ने कहा कि आज शिक्षा केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं है। इंटरनेट और डिजिटल संसाधनों ने ज्ञान की परिभाषा ही बदल दी है। उन्होंने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी वह स्थान है जहाँ विद्यार्थी और शोधार्थी केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहकर वैश्विक स्तर का अध्ययन कर सकते हैं।
एक प्रख्यात प्रोफेसर ने कहा, “आज प्रतियोगिता का युग है। यदि हमारे छात्र आधुनिक संसाधनों से वंचित रहेंगे तो वे पीछे रह जाएँगे। MCTI डिजिटल लाइब्रेरी उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता देगी।”
सुविधाओं की झलक
लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाएँ किसी भी बड़े महानगर की आधुनिक लाइब्रेरी से कम नहीं हैं। यहां पर –
हाई-स्पीड इंटरनेट
ई-बुक्स और जर्नल्स
ऑनलाइन कोर्स और वेबिनार
वर्चुअल क्लासरूम
प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री
करंट अफेयर्स अपडेट
जैसी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
लाइब्रेरी के भीतर वातानुकूलित अध्ययन कक्ष, आरामदायक बैठने की व्यवस्था और शांत वातावरण विद्यार्थियों को एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने का अवसर देंगे।
संचालक की सोच और विज़न
लाइब्रेरी के संचालक एवं पत्रकार विनय तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस पहल का मकसद केवल लाइब्रेरी खोलना नहीं, बल्कि शिक्षा की नई संस्कृति को स्थापित करना है।
उन्होंने कहा, “हमने हमेशा महसूस किया कि प्रतापगढ़ जैसे जिले में छात्रों के पास संसाधनों की कमी होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए उन्हें लखनऊ, प्रयागराज या दिल्ली का रुख करना पड़ता है। हमने सोचा क्यों न उन्हें यहीं ऐसा वातावरण दिया जाए जहाँ वे बड़े शहरों जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।”
विनय तिवारी ने यह भी बताया कि आने वाले समय में लाइब्रेरी में ऑनलाइन टेस्ट सीरीज़, ग्रुप डिस्कशन, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सत्र और कैरियर काउंसलिंग प्रोग्राम भी जोड़े जाएँगे।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाएँ
शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे। वे सभी नई लाइब्रेरी देखकर बेहद उत्साहित नजर आए।
एक छात्रा ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत बड़ी सुविधा है। अब हमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहाँ हमें किताबों से लेकर ऑनलाइन कोर्स तक सब कुछ मिलेगा।”
वहीं एक छात्र ने कहा, “अक्सर हमें हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सामग्री की कमी खलती थी। अब इस लाइब्रेरी से हमें वह सब मिलेगा जो बड़े शहरों के छात्रों को आसानी से उपलब्ध है।”
पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर शहर के कई वरिष्ठ पत्रकार, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी मौजूद रहे। उन्होंने लाइब्रेरी की स्थापना को जिले के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।
एक जनप्रतिनिधि ने कहा कि शिक्षा में निवेश करना सबसे बड़ा सामाजिक योगदान है। इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाती हैं।
सामाजिक और तकनीकी महत्व
डिजिटल लाइब्रेरी केवल किताबों का भंडार नहीं, बल्कि तकनीक और शिक्षा का संगम है। आज जब इंटरनेट के दुरुपयोग की खबरें सामने आती हैं, तब ऐसे संस्थान युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यार्थी सही मार्गदर्शन में डिजिटल संसाधनों का उपयोग करेंगे तो वे न केवल अकादमिक रूप से बेहतर होंगे बल्कि समाज में भी सकारात्मक भूमिका निभाएँगे।
ग्रामीण छात्रों के लिए वरदान
प्रतापगढ़ एक ऐसा जिला है जहाँ अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। इनके लिए किताबें खरीदना और महंगे कोर्स करना आसान नहीं होता। MCTI डिजिटल लाइब्रेरी ऐसे विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी।
अब वे घर से दूर गए बिना आधुनिक संसाधनों का लाभ उठा पाएँगे।
भविष्य की राह
लाइब्रेरी के शुभारंभ के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि प्रतापगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। यदि इस पहल को जिले के अन्य हिस्सों तक भी फैलाया गया तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र शैक्षणिक हब के रूप में उभर सकता है।
विनय तिवारी ने कहा कि उनकी टीम की योजना है कि आने वाले समय में इस लाइब्रेरी को राष्ट्रीय डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि यहाँ के छात्र देशभर के संसाधनों तक पहुँच सकें।
समारोह का समापन
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। अतिथियों और विद्यार्थियों ने संचालक विनय तिवारी की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।
लोगों का मानना था कि यह केवल एक लाइब्रेरी नहीं, बल्कि जिले की शैक्षिक यात्रा में मील का पत्थर है।
प्रतापगढ़ में MCTI डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह पहल छात्रों के सपनों को नई उड़ान देगी और जिले को डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

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