Pratapgarh’s writers get increased respect: Radheshyam “Deewana” and Subhash Srivastava get honorary doctorate – BBC India News 24
29/04/26
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Pratapgarh’s writers get increased respect: Radheshyam “Deewana” and Subhash Srivastava get honorary doctorate

प्रतापगढ़ के साहित्यकारों का गौरव: राधेश्याम “दीवाना” व सुभाष श्रीवास्तव को मानद डॉक्टरेट

प्रतापगढ़। हिंदी साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतापगढ़ के दो प्रतिष्ठित हस्तियों—कवि एवं लेखक राधेश्याम “दीवाना” और सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव—को ‘विद्यावाचस्पति’ मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें सुनहरी छांव ट्रस्ट एवं काशी हिंदी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय अलंकरण समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के दौरान काशी हिंदी विद्यापीठ के कुल सचिव इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ ने मंच से सम्मानित व्यक्तित्वों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में इनकी भूमिका अत्यंत प्रेरणादायक है। इस अवसर पर प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. सुमन मोहिनी सलोनी को ‘विद्यासागर डी.लिट’ मानद उपाधि से सम्मानित किया गया, जबकि 13 अन्य साहित्य एवं समाज सेवा से जुड़े व्यक्तियों को ‘विद्यावाचस्पति’ की उपाधि प्रदान की गई। राधेश्याम “दीवाना” और सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव को यह सम्मान हिंदी भाषा के संवर्धन, उत्कृष्ट साहित्य सृजन और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के लिए दिया गया। दोनों ही साहित्यकार मां बेल्हा देवी धाम, प्रतापगढ़ से जुड़े हुए हैं और वर्षों से अपने लेखन व सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनमानस को जागरूक करते रहे हैं। उनकी रचनाएं न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध हैं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली भी हैं। इस सम्मान से प्रतापगढ़ जनपद में हर्ष और गौरव का माहौल है। स्थानीय साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों ने इस उपलब्धि को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। यह सम्मान न केवल इन दोनों रचनाकारों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

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