Disregard for the “Right to Information” Act or administrative negligence? Serious questions raised regarding the hearing of the first appeal in the Manendragarh Forest Division – BBC India News 24
01/10/26
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Disregard for the “Right to Information” Act or administrative negligence? Serious questions raised regarding the hearing of the first appeal in the Manendragarh Forest Division

सूचना के अधिकार” की अवहेलना या प्रशासनिक लापरवाही ?

मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में प्रथम अपील सुनवाई पर उठे गंभीर सवाल

एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल एक बार फिर अपने कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा के केंद्र में है। प्राप्त सूत्रों के अनुसार, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्रथम अपील की सुनवाई के लिए जिस अधिकारी को अधिकृत बताया गया है,उसी अधिकारी द्वारा मौखिक रूप से यह कहा जा रहा है कि उन्हें इस संबंध में न तो कोई लिखित आदेश प्राप्त हुआ है और न ही विधिवत नियुक्ति की गई है। वहीं,जब इस विषय पर वनमंडलाधिकारी से चर्चा की गई,तो मौखिक रूप मे उनका स्पष्ट कहना था कि संबंधित अधिकृत अधिकारी को प्रथम अपील की सुनवाई करने तथा हस्ताक्षर, लेखन एवं अधिप्रमाणन का पूर्ण अधिकार प्रदान किया गया है । नियत तिथि समय पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी
दिनांक 15-04-2026 को दोपहर 2:00 बजे प्रथम अपील की सुनवाई नियत थी। इस दौरान जनकपुर से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी तय कर जन सूचना अधिकारी समय पर उपस्थित हुए, वहीं आवेदक भी नियत समय पर उपस्थित रहा। इसके बावजूद न तो वनमंडलाधिकारी और न ही कथित रूप से अधिकृत अधिकारी मौके पर उपस्थित हुए। समय,धन और अधिकार—तीनों पर प्रश्नचिन्ह इस स्थिति के चलते शासन के समय एवं संसाधनों की क्षति के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्र से पहुंचे अधिकारियों एवं आवेदकों को अनावश्यक आर्थिक भार और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।यह न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है,बल्कि सूचना के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान की गंभीरता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भविष्य में आवेदकों को विधि एवं नियमों के अनुरूप पारदर्शी और समयबद्ध सुनवाई प्राप्त होगी, या फिर इस प्रकार की अनिश्चितता और भ्रम की स्थिति बनी रहेगी ।

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