In the august presence of Acharya Mahamandaleshwar Swami Shakoushalya Nand Giri Ji Maharaj, ‘Shabri Ki Nishtha’—the Ramkatha—transformed into a divine festival of devotion. – BBC India News 24
17/05/26
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In the august presence of Acharya Mahamandaleshwar Swami Shakoushalya Nand Giri Ji Maharaj, ‘Shabri Ki Nishtha’—the Ramkatha—transformed into a divine festival of devotion.

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में ‘शबरी की निष्ठा’ रामकथा बनी भक्ति का दिव्य महोत्सव

छत्तीसगढ़ -‘शबरी की निष्ठा’ नामक रामकथा कार्यक्रम भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिव्य आयोजन छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में भव्य रूप में संपन्न हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। इस पावन अवसर पर पूज्य माता जी की गरिमामयी उपस्थिति ने वातावरण को विशेष रूप से आलोकित किया। कार्यक्रम में शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज तथा पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात कथावाचक रामभद्राचार्य जी महाराज की सन्निधि ने भक्ति भाव को और प्रगाढ़ बना दिया। कथा के दौरान शबरी की अटूट निष्ठा, समर्पण और प्रभु श्रीराम के प्रति निष्कलुष प्रेम का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया, जिसने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और उन्हें धर्म एवं आस्था के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि जी महाराज को उनके उत्कृष्ट धार्मिक एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि जी महाराज ने अपने विचारों में सनातन संस्कृति, सेवा और समर्पण के मूल्यों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला रहा, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश देने में भी सफल सिद्ध हुआ।

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