छतरपुर:
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की किशनगढ़ थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश करने में मोबाइल फोन के तकनीकी साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स और लोकेशन) ने सबसे अहम भूमिका निभाई।
लावारिस बाइक और जंगल में मिला शव
मामले की शुरुआत पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नारायणपुरा गांव के रहने वाले संजय मिश्रा की गुमशुदगी से हुई। 1 जुलाई को संजय मिश्रा अचानक लापता हो गए थे। जब काफी खोजबीन के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद छतरपुर के किशनगढ़ थाना पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को अमानगंज रोड पर एक निर्माणाधीन पुल के पास जंगल में संजय मिश्रा का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर उनकी मोटरसाइकिल भी लावारिस हालत में खड़ी मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि संजय की हत्या की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
शक की सुई बदलने वाली ‘200 कॉल्स’
छतरपुर पुलिस अधीक्षक (SP) रजत सकलेचा के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने जब मृतक के करीबियों और परिवार के मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच (साइबर सेल की मदद से) शुरू की, तो एक बेहद हैरान करने वाला डेटा सामने आया।
पुलिस ने पाया कि संजय मिश्रा की मौत (वारदात) के ठीक अगले दिन, उनकी पत्नी अनीता मिश्रा और उनके गांव के ही एक युवक विनोद यादव के बीच मोबाइल पर 200 से अधिक बार बातचीत हुई थी।
पति की मौत के गम के बीच किसी गैर मर्द से एक ही दिन में 200 से ज्यादा बार फोन पर बात करना पुलिस को खटक गया। इसी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस का शक अनीता मिश्रा पर गहराया और जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
16 साल पुराने रिश्ते का अंत: अवैध संबंध बने वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि संजय और अनीता की शादी को 16 साल हो चुके थे, लेकिन इस बीच अनीता का झुकाव विनोद यादव की तरफ हो गया। दोनों के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गए थे, जिसमें पति संजय मिश्रा सबसे बड़ी बाधा बन रहे थे। इसी बाधा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए अनीता ने अपने प्रेमी विनोद यादव और उसके साथी सतीश यादव के साथ मिलकर हत्या का पूरा ताना-बाना बुना।
साजिश के तहत पति को भेजा था मौत के रास्ते पर
योजना के मुताबिक, अनीता ने अपने पति संजय को मायके की एक रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए भेजा। संजय अपनी बाइक से रवाना हुए, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह मौत के सफर पर जा रहे हैं।
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रास्ते में सुनसान जंगल के पास घात लगाए बैठे विनोद यादव और सतीश यादव ने संजय को रोका।
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आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से संजय मिश्रा की हत्या कर दी।
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शव को ठिकाने लगाने और मामले को दुर्घटना या सामान्य गुमशुदगी का रूप देने के लिए उन्होंने लाश को निर्माणाधीन पुल के नीचे फेंक दिया और बाइक को दूर खड़ा कर दिया।

आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
किशनगढ़ थाना पुलिस (थाना प्रभारी कमलजीत सिंह) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पत्नी अनीता मिश्रा, प्रेमी विनोद यादव और सहयोगी सतीश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्य भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है
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