सनातन संस्कृति की सेवा का नया अध्याय: संजना नंदगिरी को मिली विश्व हिंदू महासंघ किन्नर प्रकोष्ठ की कमान
प्रतापगढ़। जब किसी व्यक्ति को संगठन में दायित्व मिलता है तो वह केवल एक पद नहीं होता, बल्कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सेवा का एक पवित्र संकल्प होता है। इसी भावना को साकार करते हुए विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश ने संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा देने के उद्देश्य से सनातनी किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर संजना नंदगिरी को प्रतापगढ़ जनपद के विश्व हिंदू महासंघ किन्नर प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस घोषणा के साथ ही जिले भर में संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं, सनातन धर्मावलंबियों एवं शुभचिंतकों में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का दायित्व
यह नियुक्ति विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति तथा किन्नर प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष काजल किरन के राय एवं परामर्श के उपरांत की गई। वहीं प्रयाग एवं काशी संभाग की क्षेत्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी ने संजना नंदगिरी को नियुक्ति पत्र सौंपकर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की।
इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि किन्नर समाज सदियों से भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं का अभिन्न अंग रहा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि सेवा, संस्कार और समरसता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाए। यही भावना विश्व हिंदू महासंघ के किन्नर प्रकोष्ठ की मूल प्रेरणा है।
संजना नंदगिरी: आध्यात्मिकता और समाज सेवा का समर्पित चेहरा
सनातनी किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर संजना नंदगिरी लंबे समय से धार्मिक, सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों से जुड़ी रही हैं। उनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक चेतना, सेवा भाव और समाज के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यही कारण है कि संगठन ने उन पर विश्वास जताते हुए प्रतापगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी है।
संजना नंदगिरी का मानना है कि सनातन संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करुणा, सेवा, दया, भाईचारे और मानवता का जीवन दर्शन है। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से वे गांव-गांव और घर-घर तक सनातन संस्कृति के मूल्यों को पहुंचाने का प्रयास करेंगी तथा जरूरतमंदों की सहायता को अपनी प्राथमिकता बनाएंगी।
आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी का मंगल आशीर्वाद
इस गौरवपूर्ण अवसर पर सनातनी किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने महामंडलेश्वर एवं नवनियुक्त जिलाध्यक्ष संजना नंदगिरी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि यह नियुक्ति केवल किसी संगठन का पद नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, धर्म, सेवा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का पावन संकल्प है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संजना नंदगिरी अपने आध्यात्मिक अनुभव, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता के बल पर संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलेंगी।
आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने कहा कि जब सेवा का मार्ग धर्म से जुड़ जाता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और सनातन संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
समाज में समरसता और मानव सेवा का संकल्प
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष संजना नंदगिरी ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगी।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता समाज में समरसता, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत करना होगी। इसके साथ ही गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाना तथा धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाना भी उनके कार्यों का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। संगठन और समाज ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उस पर खरा उतरने के लिए वे पूरी लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगी।
सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा देने का संकल्प
विश्व हिंदू महासंघ किन्नर प्रकोष्ठ का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के आदर्शों को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। संगठन का मानना है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही सच्ची साधना है।
सनातनी किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर संजना नंदगिरी ने विश्वास दिलाया कि प्रतापगढ़ में संगठन को नई पहचान दिलाने के लिए वे पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों, जनकल्याण योजनाओं और सेवा कार्यों के माध्यम से संगठन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेगा।
सनातन की शक्ति, सेवा का संकल्प
यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व के नए अध्याय का शुभारंभ मानी जा रही है। सनातनी किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी के आशीर्वाद और सनातनी किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर संजना नंदगिरी के नेतृत्व में यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि प्रतापगढ़ में विश्व हिंदू महासंघ किन्नर प्रकोष्ठ सेवा, आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेगा।
सनातन की परंपरा सदैव प्रेम, करुणा, सेवा और मानव कल्याण का संदेश देती रही है। यही संदेश अब संगठन के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। श्रद्धा, सेवा और समर्पण की यह नई यात्रा समाज में नई आशा, नई चेतना और नई प्रेरणा का संचार करेगी।

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