Hindi is the pride of India: Hindi fortnight celebration at Munishwar Dutt PG College – BBC India News 24
03/02/26
Breaking News

Hindi is the pride of India: Hindi fortnight celebration at Munishwar Dutt PG College

हिंदी भारत का गौरव : मुनीश्वर दत्त पीजी कॉलेज में हिंदी पखवाड़ा समारोह

प्रतापगढ़

मुनीश्वर दत्त पीजी कॉलेज के पं. मुनीश्वर दत्त सभागार में मंगलवार को “हिंदी भारत का गौरव” शीर्षक से राजभाषा–राष्ट्रभाषा हिंदी पखवाड़ा का भव्य आयोजन हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने कहा कि “भारत तभी परम वैभव को प्राप्त करेगा, जब हम भाषा को अपनी राष्ट्रीय अस्मिता और स्वाभिमान से जोड़ेंगे। मातृभाषा हिंदी का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है।”

अति विशिष्ट अतिथि नई दिल्ली बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय ने उत्तर–पूर्वी राज्यों में हिंदी के संपर्क भाषा के रूप में बढ़ते प्रयोग के अनुभव साझा किए और न्यायालयों में हिंदी की उपादेयता पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि शिव प्रकाश मिश्र ‘सेनानी’ ने कहा कि “हिंदी जन–जन को जोड़ने वाली भाषा है।”

समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शैलेंद्र कुमार मिश्र ने की। संयोजक डॉ. अरुण कुमार मिश्र और प्रमुख संयोजक डॉ. सौरभ पांडेय रहे। संचालन डॉ. सौरभ पांडेय ने किया।

इस अवसर पर प्राचार्य ने घोषणा की कि हर वर्ष महाविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को पं. चन्द्रमणि पांडेय ‘चन्द्र’ सम्मान, श्रीमती सरस्वती देवी शिवप्रसाद पांडेय सम्मान तथा पं. चन्द्रदत्त सेनानी सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

हिंदी विभाग के प्रो. डॉ. अरुण कुमार मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक “रामचरितमानस में तुलसी का प्रकृति चिंतन” का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों का सम्मान किया गया। उपस्थित गणमान्यजनों में प्रो. उषा तिवारी, डॉ. रमेश चंद्र शुक्ल, डॉ. रेखा मिश्रा, डॉ. अरुण कुमार वर्मा, डॉ. कमलाकांत त्रिपाठी, प्रो. छवि नारायण पांडे, डॉ. डी.के. पांडे, डॉ. सीमा त्रिपाठी, डॉ. पूनम पांडे, प्रो. राजीव मालवीय, डॉ. संजय कुमार दुबे समेत बड़ी संख्या में शिक्षक–शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएँ शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने आभार व्यक्त किया।

Check Also

The lamp of Urdu literature has been extinguished; with the passing of Tahir Faraz, an entire era has fallen silent.

उर्दू अदब का चराग़ बुझ गया, ताहिर फ़राज़ के इंतिक़ाल से एक पूरा दौर ख़ामोश …