सोनभद्र/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में आयकर विभाग (IT) ने किसी बॉलीवुड फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा ऑपरेशन चलाकर खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। वाराणसी जोन के नेतृत्व में शुरू हुई यह कार्रवाई पिछले 26 घंटों से निरंतर जारी है, जिसमें ‘ईशाना कंस्ट्रक्शन’ के 14 से अधिक ठिकानों को निशाने पर लिया गया है।
रणनीति: बाराती बनकर पहुंचे ‘दुश्मन’
विभागीय गोपनीयता बनाए रखने के लिए आयकर विभाग ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। छापेमारी के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ियों पर ‘शुभ विवाह’ के स्टिकर लगे थे। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को लगा कि कोई बारात गुजर रही है, लेकिन जैसे ही ये गाड़ियां ईशाना कंस्ट्रक्शन के दफ्तरों और खदानों पर रुकीं, हकीकत सामने आते ही वहां भगदड़ मच गई। इन गाड़ियों में बाराती नहीं, बल्कि विभाग के 100 से अधिक अनुभवी अधिकारी सवार थे।
आधुनिक तकनीक से घेराबंदी: ड्रोन और सैटेलाइट का पहरा
इस बार विभाग केवल कागजों तक सीमित नहीं है। खदानों के भीतर कितनी अवैध खुदाई हुई है, इसका सटीक आकलन करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है:
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जियो-मैपिंग: सैटेलाइट के जरिए खदानों की वास्तविक स्थिति का नक्शा तैयार किया जा रहा है।
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ड्रोन सर्वे: आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए स्वीकृत सीमा (Lease Area) और वास्तविक खुदाई का मिलान किया जा रहा है।
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डेटा मिलान: मौके पर मिली खुदाई और आधिकारिक रिकॉर्ड्स में भारी अंतर होने की आशंका है।
सियासी गलियारों तक पहुंची आंच
जांच की तपिश अब राजनीतिक हलकों तक भी महसूस की जा रही है। आयकर विभाग की एक टीम लखनऊ के हजरतगंज स्थित समाजवादी पार्टी के नेता इस्तियाक खान के आवास (सैफायर विला) पर भी पहुंची। हालांकि, नेता जी न तो सोनभद्र में मिले और न ही लखनऊ में। सूत्रों के अनुसार, वे फिलहाल प्रदेश से बाहर हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें फोन पर कड़ी चेतावनी देते हुए जल्द पेश होने का निर्देश दिया है।
बैंकिंग सेक्टर में खलबली: SBI के 3 कर्मचारी हिरासत में
छापेमारी का दायरा सिर्फ खदानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वित्तीय लेन-देन की परतों को भी खंगाला जा रहा है।
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ओबरा SBI में रेड: आयकर टीम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओबरा शाखा में धावा बोलकर ईशाना कंस्ट्रक्शन से जुड़े खातों की जांच की।
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हिरासत और जब्ती: बैंक के तीन कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनके मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं।
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MM-11 घोटाला: शुरुआती जांच में खनन ट्रांजिट पास (MM-11) जारी करने में भारी वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता संकेत मिले हैं।
खनन बेल्ट में सन्नाटा, बड़े खुलासे की उम्मीद
कभी मशीनों के शोर से गूंजने वाले बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में अब सन्नाटा पसरा हुआ है। क्रशर प्लांट मालिकों और बड़े कारोबारियों में दहशत का माहौल है। अधिकारियों का मानना है कि बैंकिंग ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों की जांच पूरी होने के बाद करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और अवैध खनन के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
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