प्रतापगढ़
अटल पार्क बाबागंज (प्रतापगढ़) में मां भारती की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले,भारत रत्न, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य,भारतीय जनता पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री, श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जन्म जयंती के अवसर पर अटल स्मृति सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य/पूर्व राज्यमंत्री एवं अध्यक्ष उ०प्र० अनुसूचित जाति एवं विकास निगम डॉ लालजी प्रसाद निर्मल जी के साथ अटल पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 25 दिसंबर 1924 को जन्मे अटल जी चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे, लोकसभा दस बार, और दो बार राज्य सभा में चुने गए थे। अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी जी राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 वर्ष बिना किसी समस्या के पूरे किए। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्म पितामह भी कहा जाता है। उन्होंने 24 दलों के गठबन्धन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे। मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य/पूर्व राज्यमंत्री डॉ लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि अटल जी भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक थे और सन् 1968 से 1973 तक वह उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। अटल जी ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न देश घोषित कर दिया। इस कदम से उन्होंने भारत को निर्विवाद रूप से विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया। सर्वतोमुखी विकास के लिये किये गये योगदान तथा असाधारण कार्यों के लिये 2015 में अटल जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। सदर विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य ने बताया कि अटल जी के समय में भारत भर के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की शुरुआत की गई। इसके अन्तर्गत दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नई व मुम्बई को राजमार्गों से जोड़ा गया। ऐसा माना जाता है कि अटल जी के शासनकाल में भारत में जितनी सड़कों का निर्माण हुआ इतना केवल शेरशाह सूरी के समय में ही हुआ था। पूर्व विधायक धीरज ओझा ने बताया कि अटल जी ही पहले विदेश मन्त्री थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था। पूर्व अध्यक्ष के के सिंह ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक कवि भी थे। मेरी इक्यावन कविताएँ अटल जी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है। पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अटल जी ने किशोरावस्था में ही एक अद्भुत कविता लिखी थी – ”हिन्दू तन-मन हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय”, जिससे यह पता चलता है कि बचपन से ही उनका रुझान देश हित की तरफ था। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री रामजी मिश्र ने किया कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से देवानंद त्रिपाठी आशुतोष त्रिपाठी बृजेश पाण्डेय, विजय मिश्रा किसान मोर्चा अंशुमान सिंह रूचि केशरवानी पिंकी दयाल राघवेंद्र शुक्ला देवेश त्रिपाठी अरुण मौर्या अभिषेक वैश्य महावीर पाल अलोक गर्ग विद्या सागर सहित सैंकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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