प्रतापगढ़
भाजपा प्रतापगढ़ द्वारा वीर बाल दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर प्रयागराज गणेश केसरवानी, जिला अध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव, सदर विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप मोती सिंह ने साहिबजादा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम की शुरुआत की।
जिला अध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वीर बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता। 26 दिसंबर 1705 को गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों— साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह ने धर्म, आस्था और सत्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। 6 और 9 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अत्याचार के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
सदर विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 9 जनवरी, 2022 को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के मौके पर 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। तभी से हर साल 26 दिसंबर के दिन को वीर बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।
मुख्य अतिथि महापौर प्रयागराज गणेश केसरवानी ने बताया कि वीर बाल दिवस, गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों के बलिदानों के सम्मान में मनाया जाता है। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में ही धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी। ये दोनों छावा की तरह दहाड़ते थे और आज भी इनकी शहादत लोगों को याद है। 10 साल से भी कम उम्र में दोनों मुगल शासकों की क्रूरता के खिलाफ डटकर खड़े रहे।मुगल शासकों ने बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को पकड़कर उनपर धर्म परिवर्तन का काफी दबाव डाला था। लेकिन उनका सिर मुगल शासकों के सामने झुका नहीं। अपनी हार को मुगल शासक बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह के बेटों को दीवार में जिंदा चुनवा दिया था।
पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप मोती सिंह ने बताया कि जब से मोदी सरकार केंद्र में आई है तभी से हमारे पूर्वजों को उचित सम्मान मिलने लगा है। मोदी सरकार ने 2022 में 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। मुगल शासकों के कितनी क्रूरता की थी इस घटना से हमें पता चलता है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों साहिबजादों की शहादत को स्मरण कर उनकी वीर गाथा और अद्वितीय बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है, ताकि वे इस प्रेरणादायक इतिहास से परिचित हो सकें।
व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ ने बताया कि जब उन छोटों साहबजादों को दीवाल में चुनवाया जा रहा था तब बड़ा भाई की आंखों में आंसू इसलिए आ गए क्योंकि उसका छोटा भाई उससे पहले शहीद हो रहा था।
संचालन ओबीसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप दिन्नु के किया। जिला सह मीडिया प्रभारी देवेश त्रिपाठी ने वीर साहबजादों के जीवन पर आधारित एक फिल्म को प्रोजेक्टर पर दर्शाया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उद्योग व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी, जिला महामंत्री राजेश सिंह, रतन जैन, मंजीत सिंह गोविंद, सरदार कुलविंदर सिंह, सरदार महेंद्र सिंह अनिल सिंह,पंकज शुक्ल, शिक्षक संघ अध्यक्ष रामचंद्र सिंह, संजीव आहूजा, जिला मंत्री रामजी मिश्र, रजत सक्सेना, जिला प्रवक्ता राघवेन्द्र शुक्ल, अवनीश प्रताप सिंह, शरद केसरवानी, प्रमिला शुक्ला, पिंकी दयाल, मुदित सिंह, अतुल शुक्ल, नगर अध्यक्ष आलोक गर्ग, छाया श्रीवास्तव, श्याम शंकर सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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