Sanatani Kinnar Akhara strongly protests against the atrocities being committed against Hindus in Bangladesh. – BBC India News 24
16/02/26
Breaking News

Sanatani Kinnar Akhara strongly protests against the atrocities being committed against Hindus in Bangladesh.

बांग्लादेश में हिंदुओं के विरुद्ध हो रहे अत्याचारों पर सनातनी किन्नर अखाड़ा का प्रचंड प्रतिकार

प्रयागराज – सनातनी किन्नर अखाड़ा के नेतृत्व में किन्नर समाज ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों और नरसंहार की घटनाओं के विरुद्ध प्रखर, निर्भीक और चेतावनी भरे शब्दों में अपना विरोध दर्ज कराया। यह केवल एक रैली नहीं थी, बल्कि अन्याय, दमन और धार्मिक उत्पीड़न के विरुद्ध उठी वह गर्जना थी, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब मौन स्वीकार्य नहीं है। किन्नर समाज ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि मानवता को कुचला जाएगा, आस्था को रौंदा जाएगा और निर्दोषों का रक्त बहाया जाएगा, तो प्रतिरोध की ज्वाला स्वतः भड़केगी। इस रैली के माध्यम से किन्नर समाज ने यह संदेश दिया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के विरुद्ध हो रही घटनाएँ केवल किसी एक समुदाय का विषय नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए कलंक हैं। धर्म के नाम पर की जा रही हिंसा, घरों का उजाड़ा जाना, महिलाओं-बच्चों पर अत्याचार और निर्दोष लोगों की हत्या को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। किन्नर अखाड़ा ने तीखे शब्दों में अंतरराष्ट्रीय मंचों को चेताया कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो इतिहास इस मौन को अपराध के रूप में दर्ज करेगा। रैली के पश्चात प्रयागराज के पावन संगम तट पर असामयिक रूप से दिवंगत हुई निर्दोष आत्माओं की शांति के लिए विधिवत पिंडदान किया गया। यह कर्मकांड केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि एक गहन संदेश था कि जिनकी आवाज़ हमेशा के लिए दबा दी गई, उनकी आत्मिक पुकार अब सनातन परंपराओं के माध्यम से गूंजेगी। संगम तट पर गूंजते मंत्रों के बीच यह संकल्प लिया गया कि पीड़ितों की स्मृति को भुलाया नहीं जाएगा और उनके लिए न्याय की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। किन्नर समाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी यह चेतावनी शांति और न्याय के दायरे में है, किंतु यदि अत्याचार यूँ ही जारी रहे, तो विश्व जनमत का दबाव और भी प्रचंड होगा। यह आयोजन यह सिद्ध करता है कि किन्नर समाज केवल हाशिये का समाज नहीं, बल्कि जब धर्म, मानवता और न्याय पर संकट आता है, तब सबसे आगे खड़ा होकर प्रतिकार करने वाला समाज है। यह प्रखर प्रदर्शन बांग्लादेश में पीड़ित हिंदुओं के प्रति एक सशक्त एकजुटता, श्रद्धांजलि और चेतावनी है—कि अन्याय चाहे कहीं भी हो, उसके विरुद्ध उठने वाली आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।

REPORT – SALMAN KHAN

Check Also

The World Cultural and Educational Organization organized a grand Honorary Doctorate Award Ceremony.

वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशनल ऑर्गेनाइजेशन द्वारा ऑनररी डॉक्टरेट अवॉर्ड समारोह का भव्य आयोजन नई दिल्ली। …