Outrage over mistreatment of journalist: Journalist Council of India demands action against guilty police officers,Video of attempt to stop coverage in Meerut goes viral, raising serious questions about press freedom – BBC India News 24
15/08/26
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Outrage over mistreatment of journalist: Journalist Council of India demands action against guilty police officers,Video of attempt to stop coverage in Meerut goes viral, raising serious questions about press freedom

पत्रकार से बदसलूकी पर उबाल: जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने की दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

मेरठ में कवरेज रोकने की कोशिश का वीडियो वायरल, प्रेस की स्वतंत्रता पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ । आर भारत के पत्रकार के साथ रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस द्वारा की गई धक्का-मुक्की का मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। संवेदनशील मामले की कवरेज रोकने की कोशिश और पत्रकार से अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकार संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय पत्रकार मौके पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें कवरेज से हटाने का प्रयास किया और प्रतिरोध करने पर धक्का-मुक्की की। वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस और पत्रकार के बीच तनाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
‌‌‌ घटना की तीखी निंदा करते हुए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि “यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। पत्रकार संविधान प्रदत्त अधिकार के तहत अपना दायित्व निभा रहे थे, ऐसे में पुलिस का यह व्यवहार प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।” उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों को सच्चाई दिखाने से रोका जायेगा तो शासन-प्रशासन की जवाबदेही संदिग्ध हो जायेगी।
संगठन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव ने इसे देश की पूरी मीडिया का अपमान बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लेती तो संगठन आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मेरठ की यह घटना अब केवल स्थानीय विवाद नहीं रह गई है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और पुलिस के रवैये पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। पत्रकार संगठनों का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था में बाधक नहीं बनना चाहते, लेकिन सच दिखाने से रोकने की कोशिश किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं।
इधर, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संगठन ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग भी की है। अब सभी की निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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