माघमेला 2026: विहिप के शिविर में आयोजित हुआ विराट संत सम्मेलन
प्रयागराज।
माघमेला 2026 के पावन अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा परेड ग्राउंड स्थित शिविर में विराट संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य सनातन धर्म की परंपराओं को सशक्त करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और समाजसेवियों ने सहभागिता की। सम्मेलन में महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी (टीना माँ) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उनके आगमन पर आयोजकों ने पारंपरिक विधि से स्वागत किया। मंच से महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने उपस्थित संतों, श्रद्धालुओं एवं विहिप कार्यकर्ताओं को आशीर्वचन प्रदान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मानवता, सेवा और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने समाज में बढ़ते वैचारिक विभाजन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समय में संत समाज को एकजुट होकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वचन और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है। महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने सामाजिक समावेशिता पर जोर देते हुए कहा कि सनातन परंपरा में सभी वर्गों के लिए सम्मान और स्थान है। उन्होंने किन्नर समाज सहित उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने व अपनाने का आह्वान किया। सम्मेलन में मौजूद अन्य संतों ने भी धर्म, राष्ट्र और समाज के प्रति अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि माघमेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है कार्यक्रम के अंत में विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने सभी संतों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संत सम्मेलनों से माघमेला की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ती है। सम्मेलन का समापन शांति प्रार्थना के साथ किया गया।

REPORT – SALMAN KHAN
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