प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
14 फरवरी को देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों की पुण्यतिथि पर कौशल्या नंद गिरी “टीना मां”, आचार्य महामंडलेश्वर, सनातनी किन्नर अखाड़ा, ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। टीना मां ने अपने उद्बोधन में कहा कि 14 फरवरी का दिन भारत के इतिहास में अमर है। यह वह दिन है जब हमारे वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर सर्वोच्च बलिदान का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका त्याग केवल एक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है। जब भी तिरंगा आकाश में लहराता है, उसमें उन अमर शहीदों का साहस, समर्पण और बलिदान झलकता है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है। देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवार, सुख-सुविधाएं और जीवन तक को त्याग देना अद्वितीय साहस का परिचायक है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और देश की एकता व अखंडता को सुदृढ़ करें। टीना मां ने शहीद परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दुःख केवल उनका निजी दुःख नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की वेदना है। शहीदों की माताएं, बहनें और बच्चे पूरे देश के सम्मान और गर्व के पात्र हैं। हमें उनके प्रति सदैव सम्मान, सहयोग और संवेदना का भाव रखना चाहिए।
अंत में टीना मां ने कहा, “शहीद कभी मरते नहीं, वे राष्ट्र की आत्मा में अमर हो जाते हैं। उनका बलिदान हमें सदैव देशसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।”

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