इंसाफ की सबसे बड़ी जीत: सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा – BBC India News 24
29/04/26
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इंसाफ की सबसे बड़ी जीत: सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा

मदुरै/चेन्नई: करीब 6 साल के लंबे इंतजार के बाद, मदुरै की एक विशेष अदालत ने सोमवार (6 अप्रैल 2026) को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह सजा व्यापारी पी. जयराज (58) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) की पुलिस हिरासत में हुई बर्बर हत्या के लिए दी गई है।

क्या थी वह खौफनाक रात?

यह घटना जून 2020 की है, जब देश कोरोना लॉकडाउन की चपेट में था। तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के सथानकुलम में जयराज और बेनिक्स अपनी मोबाइल की दुकान चलाते थे।

  • विवाद की शुरुआत: पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्होंने तय समय से ज्यादा देर तक दुकान खुली रखी। इसी मामूली बात पर बहस हुई और पुलिस जयराज को उठा ले गई।

  • बेटे का फर्ज बना मौत का कारण: जब बेनिक्स अपने पिता को छुड़ाने थाने पहुँचा, तो पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया।

  • थाने में हैवानियत: सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, उस रात थाने के भीतर दोनों बाप-बेटे को निर्वस्त्र कर घंटों पीटा गया। उन्हें ऐसी यातनाएं दी गईं जिन्हें सुनकर कोर्ट ने भी कहा कि “इसे पढ़कर दिल दहल जाता है।” 22 और 23 जून को अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

अदालत की सख्त टिप्पणी: “रेयरेस्ट ऑफ रेयर”

मदुरै की अदालत के जज जी. मुथुकुमारन ने इस मामले को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (Rarest of Rare) करार दिया। कोर्ट ने कहा:

“सत्ता के पास जिम्मेदारी होनी चाहिए। निहत्थे बाप-बेटे को रात भर बेरहमी से पीटना और सत्ता का दुरुपयोग करना किसी भी समाज में स्वीकार्य नहीं है। यह सजा भविष्य के लिए एक उदाहरण बनेगी।”

दोषी पुलिसकर्मियों की सूची

अदालत ने जिन 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है, उनमें शामिल हैं:

  1. एस. श्रीधर (तत्कालीन इंस्पेक्टर)

  2. पी. रघु गणेश (सब-इंस्पेक्टर)

  3. के. बालकृष्णन (सब-इंस्पेक्टर)

  4. समेत हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल (कुल 9 दोषी)। (नोट: एक अन्य आरोपी पॉलदुरई की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी)

पूरे देश में फूटा था गुस्सा

इस घटना ने 2020 में भारत का ‘जॉर्ज फ्लॉयड’ आंदोलन जैसा रूप ले लिया था। सोशल मीडिया पर #JusticeForJayarajAndBennix ट्रेंड करने लगा था। मद्रास हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर जांच सीबीआई को सौंपी थी।

न्याय का बड़ा संदेश

अदालत ने दोषियों पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। पीड़ितों के परिवार के लिए यह न्याय एक मरहम जैसा है, हालांकि जो घाव खाकी ने दिए थे, वे कभी नहीं भरेंगे। यह फैसला संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह वर्दी में ही क्यों न हो।


मामले का सारांश: | विवरण | जानकारी | | :— | :— | | पीड़ित | पी. जयराज और जे. बेनिक्स (पिता-पुत्र) | | घटना स्थल | सथानकुलम पुलिस स्टेशन, तमिलनाडु | | आरोप | हिरासत में बर्बर टॉर्चर और हत्या | | जांच एजेंसी | सीबीआई (CBI) | | कोर्ट का फैसला | 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा (6 अप्रैल 2026) |

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