जौनपुर/स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही
जौनपुर। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर (CHC) में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होती नजर आ रही हैं। अस्पताल में तैनात कर्मचारियों और डॉक्टरों की लगातार अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक शिकायत पशु चिकित्सालय में तैनात फार्मासिस्ट रामचंद्र यादव को लेकर सामने आ रही है, जिन पर ड्यूटी से गायब रहने, लापरवाही और धन उगाही जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने आने वाले मरीजों और पशुपालकों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने पर अक्सर डॉक्टर और कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिलते हैं। शासन द्वारा निर्धारित ओपीडी समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक तय है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य केंद्र में समयपालन पूरी तरह ध्वस्त दिखाई दे रहा है।
जब हमारे संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की, तो अस्पताल परिसर में कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मरीज बाहर बैठकर डॉक्टरों और कर्मचारियों का इंतजार करते दिखाई दिए, जबकि कई लोग निराश होकर वापस लौट गए।
सबसे ज्यादा नाराजगी पशु चिकित्सालय में तैनात फार्मासिस्ट रामचंद्र यादव को लेकर देखने को मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह अधिकतर समय अपने कार्यालय से गायब रहते हैं, जिससे पशुओं का इलाज कराने आने वाले ग्रामीणों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि 05 मई 2026 को एक व्यक्ति अपनी बकरी को लेकर अस्पताल पहुंचा था, जिसे कुत्ते ने काट लिया था। पीड़ित लगभग दो घंटे तक फार्मासिस्ट रामचंद्र यादव का इंतजार करता रहा, लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंचे। मजबूर होकर व्यक्ति बिना इलाज कराए वापस लौट गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फार्मासिस्ट रामचंद्र यादव के खिलाफ पहले भी कई बार लापरवाही और अवैध धन उगाही की शिकायतें हो चुकी हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारियों की मनमानी के चलते सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं।
प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जाते रहे हैं कि सभी सरकारी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी निर्धारित समय पर अस्पताल में उपस्थित रहेंगे तथा मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहना सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली में समयपालन और अनुशासन को अनिवार्य बताया गया है। नियमों के अनुसार ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
इसके बावजूद सीएचसी रामपुर में जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही से मरीजों और पशुपालकों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करता है या फिर शिकायतें इसी तरह दबती रहेंगी।
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