जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की मासिक वर्चुअल बैठक संपन्न
पत्रकारों की सुरक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता एवं संगठन सशक्तीकरण पर हुआ व्यापक मंथन
नई दिल्ली – जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की मासिक वर्चुअल बैठक सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े आधा सैकड़ा से अधिक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता तथा संगठन के विस्तार एवं सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता डॉ. अनुराग सक्सेना ने की, जबकि संचालन डॉ. आर. सी. श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि वर्तमान समय में सत्य को उजागर करना मानो एक चुनौती बनता जा रहा है। निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को अनेक प्रकार के दबावों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई स्थानों पर पत्रकारों के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं तथा उन्हें विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है। कुछ मामलों में पत्रकारों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बी. त्रिपाठी ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता पर निरंतर दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि पत्रकारों को अनावश्यक विवादों एवं झूठे मुकदमों में फंसाने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। बैठक में बिहार प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाने के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया का कोई भी कार्यकर्ता ऐसे दबावों से भयभीत होने वाला नहीं है। गाजियाबाद से वरिष्ठ पत्रकार आदित्य भारद्वाज ने पत्रकारों के उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। वहीं गोरखपुर से संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी संजय सिंह ने कहा कि पत्रकार अब अन्याय एवं उत्पीड़न के विरुद्ध मजबूती से अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। समापन संबोधन में डॉ. आर. सी. श्रीवास्तव ने कहा कि एक समय ऐसा था जब पत्रकारिता ने देश की स्वतंत्रता संग्राम को दिशा प्रदान की थी तथा स्वतंत्रता सेनानियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया था। उस समय देश की सबसे बड़ी चुनौती विदेशी शासन था, जबकि वर्तमान समय में भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या के रूप में सामने है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने स्वस्थ एवं निष्पक्ष पत्रकारिता पर अंकुश लगाने के अनेक प्रयास किए हैं, किंतु ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया पत्रकारों के अधिकारों, सम्मान एवं हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पत्रकार हितों की रक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता को प्रोत्साहन देने तथा संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावशाली बनाने के संकल्प को दोहराया। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु संगठित प्रयासों को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।
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