जौनपुर। नौनिहालों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सड़कों पर अनफिट स्कूली वाहन दौड़ाने वाले स्कूल संचालकों और वाहन स्वामियों के खिलाफ परिवहन विभाग ने हंटर चलाना शुरू कर दिया है। ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के मात्र दो दिनों के भीतर ही जौनपुर में 15 स्कूली बसों का सीज होना और 32 का चालान कटना यह साबित करता है कि जिले के कई नामचीन स्कूल बच्चों की जिंदगी से कितना बड़ा खिलवाड़ कर रहे थे।
नियमों को ठेंगा दिखा रहे स्कूल संचालक: जांच में सामने आया कि कई नामी स्कूलों की बसों के पास न तो वैध परमिट था और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन वाहनों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरण भी नदारद थे। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? परिवहन विभाग की इस कार्रवाई ने स्कूल प्रबंधनों की भारी लापरवाही को बेनकाब कर दिया है।
अवैध डग्गामार बसों का भी बोलबाला: स्कूली बसों के साथ-साथ जिले में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर अनधिकृत रूप से दौड़ रही 4 यात्री बसों को भी सीज किया गया है, जबकि 11 का चालान काटा गया है।
अभिभावकों में आक्रोश, विभाग सख्त: इस कार्रवाई के बाद अभिभावकों में स्कूल प्रशासनों के प्रति भारी नाराजगी है। ए.आर.टी.ओ. सत्येन्द्र कुमार सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना परमिट और फिटनेस के एक भी वाहन को सड़क पर रेंगने नहीं दिया जाएगा। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में दोषी पाए जाने वाले स्कूलों के खिलाफ एफआईआर तक की कार्रवाई की जा सकती है।
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