जौनपुर। अगर आप बाज़ार से पिसे हुए मसाले खरीदकर चाव से खा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आपके खाने का स्वाद बढ़ाने वाले ये मसाले आपकी सेहत बिगाड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेश पर जौनपुर में मिलावटी मसालों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ने जिले में चल रहे मिलावटखोरी के एक बड़े खेल को बेनकाब कर दिया है।
विभाग की छापेमारी में जिले की विभिन्न विनिर्माण इकाइयों (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स) और थोक दुकानों से 11 कुन्तल 24 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी मसाला ज़ब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1,73,480 रुपये आंकी गई है।
नामी ब्रांड्स पर भी मंडराया मिलावट का साया
इस कार्रवाई की सबसे चिंताजनक बात यह है कि मिलावट का यह खेल सिर्फ स्थानीय या बिना नाम वाली कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड्स भी अब जांच के घेरे में हैं:
- एम.डी.एच. (MDH) मिक्स मसाला: शाहगंज के कलेक्टरगंज स्थित ‘मेसर्स शाहगंज ट्रेडिंग कंपनी’ से इसके सैंपल लिए गए हैं।
- पतंजलि (Patanjali) सब्जी मसाला: सोईथा शीतलगंज बाजार से इसके सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
- आर.एल. ब्रांड (RL Brand) हल्दी पाउडर: बदलापुर के महराजगंज बाजार स्थित ‘मेसर्स प्यारेलाल हनुमानदीन’ से इसका नमूना लिया गया है।
जनता से बड़ा सवाल: अगर बाज़ार में बिकने वाले देश के इन नामचीन ब्रांड्स के मसालों में भी मिलावट की आशंका है, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे?
कहाँ और कितनी मात्रा में पकड़ा गया संदिग्ध मसाला?
सहायक आयुक्त (खाद्य-द्वितीय) डॉ. मंजुला सिंह के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार जायसवाल के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कई फैक्ट्रियों पर छापा मारा:
| विनिर्माण इकाई / दुकान का नाम | स्थान | कौन सा मसाला पकड़ा गया | ज़ब्त मात्रा (वज़न) | अनुमानित कीमत |
| मेसर्स मां शीतला ट्रेडिंग कंपनी | पचहटियां बाजार, विशेषरपुर | लाल मिर्च पाउडर | 750 किलोग्राम | ₹1,20,000 |
| मेसर्स मां शीतला ट्रेडिंग कंपनी | पचहटियां बाजार, विशेषरपुर | धनिया पाउडर | 360 किलोग्राम | ₹50,400 |
| मेसर्स क्यारी एग्रो | मतापुर, जगदीशपट्टी | खिचड़ी मसाला | 14 किलोग्राम | ₹3,080 |
| मेसर्स प्रतिमा इंटरप्राइजेज | धौरइल गांव, शाहगंज | लाल मिर्च पाउडर | नमूना लिया गया | जांच जारी |
सेहत से खिलवाड़: रिपोर्ट आने के बाद ही होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (दिनेश चौधरी, भानु प्रताप सिंह, विनोद कुमार यादव, श्रीमती अंजू यादव, राजेश कुमार, मनोज कुमार वर्मा और मयंक शंकर दूबे) की टीम ने कुल 07 नमूने इकट्ठा कर खाद्य विश्लेषक (लैब) को भेजे हैं।
हालाँकि, विभाग का कहना है कि लैब से रिपोर्ट आने के बाद ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006’ के तहत सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब तक लैब की रिपोर्ट आएगी, तब तक न जाने कितना मिलावटी मसाला लोगों के पेट में जा चुका होगा। त्योहारी सीज़न और आम दिनों में भी चंद रुपयों के मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी दांव पर लगाने वाले इन कारोबारियों पर क्या विभाग कोई परमानेंट लगाम लगा पाएगा, या यह अभियान महज़ एक तात्कालिक औपचारिकता बनकर रह जाएगा?
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