अगर दोबारा पैसा माँगा तो जान से मार देंगे, और मशीन यहीं रहेगी, आरोप – BBC India News 24
12/05/26
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अगर दोबारा पैसा माँगा तो जान से मार देंगे, और मशीन यहीं रहेगी, आरोप

जौनपुर। थाना नेवढ़िया क्षेत्र के ग्राम कोहरण निवासी एक मेहनतकश व्यक्ति ने ग्राम बेनीपुर के एक दबंग पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी जौनपुर से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने न केवल उसकी ₹48,000 की मेहनत की कमाई दबा ली, बल्कि उसकी वेल्डिंग मशीन को भी जबरन अपने कब्जे में रख लिया है।

मामला नेवढ़िया थाना क्षेत्र के ग्राम बेनीपुर का है। पीड़ित प्रमोद कुमार विश्वकर्मा, पुत्र स्वर्गीय सभाजीत विश्वकर्मा, निवासी ग्राम कोहरण, पेशे से वेल्डिंग कार्य करने वाला मेहनतकश व्यक्ति है, जिसकी ग्राम लगधरपुर में लोहे-लकड़ी की दुकान है। प्रमोद का आरोप है कि लगभग छह माह पूर्व चन्द्र शेखर यादव पुत्र शंकर यादव, निवासी बेनीपुर, ने अपने मकान की रेलिंग बनवाने का कार्य उसे सौंपा था। कुल ₹75,000 की कीमत तय हुई, जिसमें ₹27,000 अग्रिम भुगतान किया गया था।

प्रमोद ने पूरा काम तय समय पर पूरा कर दिया, लेकिन जब उसने शेष ₹48,000 की माँग की तो चन्द्र शेखर यादव ने यह कहकर भुगतान टाल दिया कि “विवाह उपरांत आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जल्द ही दे दूँगा।”

तीन माह बाद जब प्रमोद ने पुनः बकाया राशि की माँग की, तो आरोपी ने बहाने बनाकर कहा कि “थोड़ा वेल्डिंग का काम बाकी है, मशीन लेकर आओ, काम पूरा करो, फिर सारा हिसाब कर लेंगे।  पीड़ित के अनुसार, उसने मशीन लेकर काम पूरा किया, लेकिन भुगतान माँगने पर चन्द्र शेखर यादव ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और धमकी देते हुए कहा —इसके बाद आरोपी ने प्रमोद की वेल्डिंग मशीन जबरन अपने पास रख ली। पीड़ित ने बताया कि उसने इस प्रकरण की लिखित शिकायत थाना नेवढ़िया में भी की, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे उसे ₹48,000 की राशि और मशीन दोनों से वंचित होना पड़ा है, जिसके कारण उसका सारा कामकाज ठप हो गया है और आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

इस पर पीड़ित ने जिलाधिकारी जौनपुर को संबोधित प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि—

1. आरोपी चन्द्र शेखर यादव के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।

2. पीड़ित की वेल्डिंग मशीन बरामद कराई जाए।

3. ₹48,000 की बकाया राशि दिलवाई जाए।

4. साथ ही उसे सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वह आगे किसी धमकी या उत्पीड़न का शिकार न हो।

प्रमोद ने यह भी कहा कि “मेहनत की कमाई छिन जाने और मशीन न मिलने से मेरा पूरा रोज़गार रुक गया है। अब न्याय ही मेरा सहारा है।  पीड़ित ने इस प्रकरण की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, पुलिस महानिदेशक लखनऊ, तथा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को भी भेजी है, ताकि शीघ्र कार्रवाई हो सके।

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