Tea seller’s son gets PhD – BBC India News 24
12/05/26
Breaking News

Tea seller’s son gets PhD

चाय विक्रेता के पुत्र को मिली पीएचडी की उपाधि

प्रतापगढ़
कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से सफलता के शिखर तक पहुँचना कोई असंभव नहीं। इसका जीवंत उदाहरण हैं नगर पंचायत पृथ्वीगंज के वार्ड नंबर 11, भगेसरा निवासी एवं सभासद अरिहंत पाल, जिन्हें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के 47वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल महोदया द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। एक साधारण परिवार से आने वाले अरिहंत पाल के पिता चाय विक्रेता हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी। डॉ. अरिहंत ने समाज विज्ञान संकाय में जनसंचार माध्यमों का सामाजिक संस्थाओं पर प्रभाव: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन विषय पर अपना शोधकार्य पूरा किया। यह अध्ययन समाज में जनसंचार माध्यमों के प्रभाव और सामाजिक संस्थाओं में हो रहे परिवर्तनों पर केंद्रित है। डॉ. पाल ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी गुरु आदरणीया प्रो. रेखा जी, अपने माता-पिता, परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के त्याग और गुरुजनों के मार्गदर्शन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। उनकी इस उपलब्धि से पूरे नगर पंचायत में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाइयाँ दीं और गर्व महसूस किया। एक चाय विक्रेता के पुत्र का पीएचडी जैसी प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा और परिश्रम से हर सपना साकार किया जा सकता है। डॉ. अरिहंत पाल ने भविष्य में समाज में शिक्षा और जागरूकता फैलाने के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है। उनकी यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है।

Check Also

Swami Kaushalya Nand Giri became emotional during the death anniversary and continuous Ramayana recitation, paid tribute to the departed soul.

बरसी एवं अखंड रामायण पाठ में भावुक हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि , …