8 माह की बच्ची से निकाह का फर्जीवाड़ा,करोड़ों की ज़मीन हड़पने की सनसनीखेज़ साज़िश का खुलासा – BBC India News 24
05/03/26
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8 माह की बच्ची से निकाह का फर्जीवाड़ा,करोड़ों की ज़मीन हड़पने की सनसनीखेज़ साज़िश का खुलासा

मानीकलां में भू-माफियाओं की हैरान करने वाली चाल, चकबंदी अधिकारी के नाम से भी बना डाला फर्जी आदेश, सूत्र 

जौनपुर। ज़िले के खेतसराय थाना क्षेत्र के मानीकलां गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। भू-माफियाओं ने करोड़ों की ज़मीन पर कब्ज़ा जमाने के लिए ऐसा खेल खेला कि सुनकर हर कोई हैरान रह जाए — इन लोगों ने एक 8 माह की बच्ची से निकाह के फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर संपत्ति पर कब्ज़ा कर लिया!

मामला मानीकलां गांव निवासी कमालुद्दीन की संपत्ति से जुड़ा है, जिनके पास करोड़ों की ज़मीन थी। कमालुद्दीन की संतान के रूप में केवल एक बेटी नफीसा थी। पिता ने अपनी संपत्ति अपनी इकलौती बेटी के नाम वसीयत कर दी थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था — कमालुद्दीन की मौत के बाद, उनकी बेटी नफीसा की भी 12 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गई।

कानून के अनुसार, नफीसा की मौत के बाद कमालुद्दीन की तीन बहनों को संपत्ति का वैधानिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया और राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज हो गए।

भू-माफियाओं की नज़र पड़ी बेशकीमती ज़मीन पर _ इसी दौरान भू-माफियाओं के एक गैंग की नज़र इस बेशकीमती ज़मीन पर पड़ी। संपत्ति हड़पने की नीयत से गिरोह ने जालसाजी का ताना-बाना बुनना शुरू किया। इस साजिश के तहत, गैंग के सरगना ने अपने साथी गयासुद्दीन को नफीसा का पति घोषित कर दिया।

फर्जी दस्तावेज़ों में दावा किया गया कि साल 1977 में नफीसा की शादी गयासुद्दीन से हुई थी और पत्नी की मृत्यु के बाद अब वही कमालुद्दीन की संपत्ति का वारिस है। लेकिन फर्जीवाड़े की पोल तब खुली जब पता चला कि नफीसा का जन्म 1976 में हुआ था, यानी निकाह के कथित साल में वह महज़ 8 माह की बच्ची थी!

चकबंदी अधिकारी के नाम से भी बना डाला फर्जी आदेश-  गैंग ने सिर्फ झूठे निकाह के दस्तावेज़ ही नहीं बनाए, बल्कि चकबंदी अधिकारी के नाम से भी फर्जी आदेश तैयार करवाया, जिससे राजस्व रिकॉर्ड में कमालुद्दीन की संपत्ति को गयासुद्दीन के नाम दर्ज करा दिया गया। इस सनसनीखेज़ खेल का भांडा तब फूटा जब कमालुद्दीन के भांजे अलकमा को धोखाधड़ी की भनक लगी। उन्होंने न्यायालय और उच्चाधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई।

लंबी जांच-पड़ताल के बाद अधिकारियों ने मामले की तह तक जाने का आदेश दिया। जांच के शुरुआती चरण में ही यह साबित हो गया कि चकबंदी अधिकारी का आदेश फर्जी था और निकाह के दस्तावेज़ भी पूरी तरह जाली निकले।

7 आरोपियों के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज, गैंग फरार-  आला अधिकारियों के निर्देश पर खेतसराय पुलिस ने मुख्य आरोपी गयासुद्दीन के साथ उसके सहयोगी सदरुद्दीन, सलमान, तौहीद, फतेह आलम, आशिक अंसारी और अय्यूब के खिलाफ़ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं, लेकिन पूरा गिरोह घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है।

अधिकारियों ने दिए कड़े निर्देश-  प्रशासन ने इस पूरे मामले को भूमि माफिया गिरोह की साजिश मानते हुए विस्तृत जांच का आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त टीम बनाकर राजस्व अभिलेखों की पुनः जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस गैंग ने पूर्व में भी अन्य लोगों की संपत्तियों पर कब्ज़ा करने की कोशिश की थी, लेकिन यह पहला मामला है जिसमें एक मृतक की 8 माह की बच्ची को शादीशुदा दिखाकर करोड़ों की ज़मीन हड़पने की कोशिश की गई है।

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