आर्य समाज मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं का मामला, FIR की तैयारी
प्रतापगढ़
नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित आर्य समाज मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर के प्रशासक विजय सिंह आर्य ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर संस्था के कुछ पूर्व पदाधिकारियों पर करीब 77 लाख रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई गई है, जिसमें वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
विजय सिंह आर्य ने बताया कि जिन लोगों पर अनियमितताओं के आरोप हैं, उन्हें आर्य समाज की सदस्यता से आजीवन निष्कासित कर दिया गया है। उनका कहना है कि संस्था की ओर से संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और नियमों के तहत कथित गबन की रकम की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। प्रशासक ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मंदिर परिसर की दुकानों का आवंटन अपने, अपने बेटे और पत्नी के नाम करा लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की भी जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित आवंटनों को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रेसवार्ता के दौरान विजय सिंह आर्य ने कहा कि आर्य समाज की संपत्तियां सार्वजनिक और धार्मिक महत्व की हैं। इनके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।

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