जनपद जौनपुर में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने जब योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की, तो आंकड़े निराशाजनक सामने आए। जनपद स्तर पर लक्ष्य के मुकाबले आवेदन, स्वीकृति और डिस्बर्समेंट की स्थिति कमजोर पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि योजना के प्रति न तो अपेक्षित प्रचार-प्रसार हो पाया है और न ही पात्र लाभार्थियों तक समय पर जानकारी पहुंच रही है। इसका सीधा नुकसान उन परिवारों को हो रहा है, जो बिजली बिल में राहत और स्वच्छ ऊर्जा के लाभ से वंचित रह गए हैं।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी ग्राम प्रधानों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों से अधिक से अधिक आवेदन कराए जाएं, ताकि योजना केवल कागजों तक सीमित न रहे। वहीं, बैंक अधिकारियों को भी फटकार लगाते हुए लंबित आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई, शीघ्र स्वीकृति और डिस्बर्समेंट में देरी समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि यह योजना माननीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और संस्थानों को सम्मानित किए जाने की बात कही गई, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि अगली समीक्षा बैठक तक यदि प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल, एलडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अब सवाल यह है कि
क्या सख्त निर्देशों के बाद भी पीएम सूर्यघर योजना जौनपुर में रफ्तार पकड़ेगी,
या फिर यह योजना भी अन्य योजनाओं की तरह बैठकों और निर्देशों तक सीमित रह जाएगी?
जवाब अगली समीक्षा बैठक में सामने होगा।
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