आजमगढ़ जिले में तहसील फूलपुर के लिए ग्राम पंचायत नामिका अधिवक्ता (राजस्व) के रिक्त पद पर 03 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राहुल विश्वकर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर योग्य अधिवक्ताओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता–2006 की धारा–72 उपधारा–02 तथा राजस्व संहिता नियमावली–2016 के नियम 74घ के अंतर्गत की जाएगी।
हालांकि, यह नियुक्ति प्रक्रिया कुछ सवालों के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है, जबकि प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी जनहित में पर्याप्त समय से नहीं दी गई। यह स्थिति उन योग्य अधिवक्ताओं के लिए असुविधाजनक साबित हो सकती है, जो समय रहते दस्तावेज़ तैयार करना चाहते थे।
इसके अलावा, विज्ञप्ति में उल्लेख है कि अधिवक्ता की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए और उन्हें अपने शैक्षिक एवं अनुभव प्रमाण-पत्रों की प्रमाणित प्रतिलिपि के साथ आवेदन प्रस्तुत करना होगा। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिससे समय प्रबंधन में कोई भी गलती उम्मीदवारों के लिए नुक्सानदायक हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन सूचना देने में देरी और अंतिम तिथि का कड़ा समय सीमा उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
अधिवक्ताओं और संबंधित पेशेवर संगठनों ने सुझाव दिया है कि इस तरह के पदों के लिए अधिकारियों को आवेदन की जानकारी सार्वजनिक करने और समयसीमा पर्याप्त रखने में ध्यान देना चाहिए, ताकि वास्तविक योग्य उम्मीदवार प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
इस मामले में अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन सही तरीके से उम्मीदवारों तक सूचना पहुंचा पाएगा, या फिर कई योग्य अधिवक्ताओं को केवल सूचना की कमी के कारण आवेदन से वंचित रहना पड़ेगा।
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