कुंभ में सनातनी किन्नर अखाड़ा का भक्ति भावपूर्ण भंडारा
प्रयागराज – कुंभ के पावन अवसर पर सनातनी किन्नर अखाड़ा में निरन्तर अटूट श्रृंखला के क्रम में भक्तों एवं जजमानों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन गहन भक्ति और श्रद्धा के साथ किया जाता है। इस पावन सेवा परंपरा के विषय में सनातनी किन्नर अखाड़ा से जुड़ी पूज्य कौशल्या नंद गिरि ने बताया कि कुंभ केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति की सजीव अभिव्यक्ति है। कौशल्या नंद गिरि के मार्गदर्शन में अखाड़ा निरंतर मानव सेवा को ही ईश्वर सेवा मानकर कार्य कर रहा है। कौशल्या नंद गिरि ने कहा कि अखाड़े में चलने वाला भंडारा अटूट श्रृंखला का प्रतीक है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी भक्तों को प्रसाद रूप में भोजन कराया जाता है। कौशल्या नंद गिरि के अनुसार इस भंडारे में परोसा गया अन्न भगवान की कृपा का स्वरूप होता है, जिसे प्रेम और श्रद्धा के साथ ग्रहण किया जाता है। कुंभ में पधारे साधु-संतों, श्रद्धालुओं और जजमानों की सेवा करते हुए कौशल्या नंद गिरि ने इसे आत्मिक शांति और पुण्य प्राप्ति का माध्यम बताया। कौशल्या नंद गिरि का मानना है कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें सेवा का भाव निहित हो। अंत में कौशल्या नंद गिरि ने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सनातन परंपराओं से जुड़कर सेवा और भक्ति के इस महायज्ञ में सहभागी बनें, क्योंकि कौशल्या नंद गिरि के अनुसार सेवा में ही नारायण का साक्षात वास होता है।

REPORT – SALMAN KHAN
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