At the Magh Mela in 2026, the Sanatani Kinnar Akhara will perform a sacred dip in the Ganges on Makar Sankranti, showcasing the magnificent form of Sanatan consciousness under the leadership of Kaushalya Nand Giri. – BBC India News 24
12/09/26

At the Magh Mela in 2026, the Sanatani Kinnar Akhara will perform a sacred dip in the Ganges on Makar Sankranti, showcasing the magnificent form of Sanatan consciousness under the leadership of Kaushalya Nand Giri.

माघमेला 2026 में मकर संक्रांति पर सनातनी किन्नर अखाड़े का दिव्य गंगा स्नान, कौशल्या नंद गिरि के नेतृत्व में सनातन चेतना का विराट स्वरूप

प्रयागराज।
माघमेला 2026 के पावन अवसर पर मकर संक्रांति का महापर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सूर्य के उत्तरायण होते ही संगम नगरी प्रयागराज में सनातनी किन्नर अखाड़े ने अपने दिव्य स्वरूप का दर्शन कराया। सनातनी किन्नर अखाड़े की परम आदरणीय प्रमुख महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि के पावन नेतृत्व में अखाड़े के संस्थापक सदस्य, पदाधिकारी, महामंडलेश्वर, पीठाधीश्वर, श्रीमहंत एवं असंख्य भक्तगण भव्य शोभायात्रा के साथ मां गंगा की ओर प्रस्थान कर गए। शोभायात्रा के दौरान “हर-हर गंगे”, “जय बहुचरा माता”, “सनातन धर्म की जय” के जयघोष से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। कौशल्या नंद गिरि के सान्निध्य में निकली यह शोभायात्रा सनातन धर्म की गरिमा, मर्यादा और दिव्यता का जीवंत प्रतीक बन गई। मां गंगा के तट पर पहुंचकर कौशल्या नंद गिरि के मार्गदर्शन में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना, आरती एवं अभिषेक संपन्न हुआ। पूजन उपरांत अखाड़े की अधिष्ठात्री देवी बहुचरा माता की विधिपूर्वक आराधना की गई। कौशल्या नंद गिरि ने बहुचरा माता से सनातन धर्म की रक्षा, समाज में समरसता और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। इसके पश्चात कौशल्या नंद गिरि के नेतृत्व में साधु-संतों, किन्नर संन्यासियों और श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा स्नान कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया इस अवसर पर कौशल्या नंद गिरि ने कहा कि मकर संक्रांति आत्मशुद्धि, तप, त्याग और धर्ममार्ग पर अग्रसर होने का महापर्व है। कौशल्या नंद गिरि ने कहा कि मां गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी माता हैं, जिनके दर्शन और स्नान से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। कौशल्या नंद गिरि ने यह भी कहा कि सनातनी किन्नर अखाड़ा सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है और सदैव धर्म, करुणा, प्रेम और समानता के मूल्यों को आगे बढ़ाता रहेगा। कौशल्या नंद गिरि ने मां गंगा से प्रार्थना की कि संपूर्ण जगत में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव बना रहे। कौशल्या नंद गिरि ने विश्व से अज्ञान, अधर्म और वैमनस्य के नाश की कामना की। कौशल्या नंद गिरि के शब्दों में, “जब तक सनातन जीवित है, तब तक मानवता जीवित है।” माघमेला 2026 में कौशल्या नंद गिरि के नेतृत्व में हुआ यह गंगा स्नान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन धर्म, किन्नर समाज की आध्यात्मिक शक्ति और विश्व मंगल की भावना का दिव्य उद्घोष बन गया। यह आयोजन कौशल्या नंद गिरि की आध्यात्मिक दूरदृष्टि और सनातन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का सजीव प्रमाण बना।

Report – Salman Khan

Check Also

Teachers are the creators of the nation, their contribution in giving the right direction to the society is incomparable: Guest

शिक्षक राष्ट्र के निर्माता, समाज को सही दिशा देने में उनका योगदान अतुलनीय : अतिथि …