माता शबरी के जूठे बेर समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण: आलोक पांडेय
दुर्गागंज के निकट द्वारिकापुर में आयोजित हुआ भव्य मकर संक्रांति उत्सव
प्रतापगढ़। हमारे सनातन धर्म में जात पांत के नाम पर भेदभाव की भावना कभी नहीं रही। माता शबरी के जूठे बेर और निषादराज गुह्य की निश्छल मित्रता ही आज के समाज में समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। भगवान श्रीराम ने राजवंश में जन्म लेने के बावजूद प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति को एक समान माना। उक्त बातें भाजपा नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आलोक कुमार पांडेय ने दुर्गागंज के निकट द्वारिकापुर की दलित बस्ती में आयोजित मकर संक्रान्ति उत्सव और समरसता भोज को संबोधित करते हुए कही। भाजपा नेता ने कहाकि अपने राजनैतिक लाभ के लिए निम्न सोच के राजनेता समाज को जात पांत में बांटने का कार्य कर रहे हैं। आज भाजपा सरकार में प्रत्येक वर्ग का अनवरत विकास हो रहा है। भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जाति पूछकर नहीं बल्कि पात्रता के आधार पर मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने में लगे हुए हैं। कार्यक्रम के पश्चात समरसता भोज खिचड़ी उत्सव आयोजित किया गया। भाजपा नेता आलोक पांडेय ने उपस्थित लोगों के साथ बैठकर भोजन किया और प्रत्येक वर्ग को एकता के सूत्र में पिरोने का प्रयास किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहदेव यादव एवं संचालन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर राम मिलन निर्मल, रमाशंकर जायसवाल, रामचंद्र शर्मा, दिनेश कश्यप, हीरा बिंद, सन्यासी मास्टर, रामचंद्र, पूर्व प्रधान राम आसरे यादव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन अरविंद गौतम ने किया। अंत में कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों को कंबल का वितरण भी किया गया।

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