लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने उस बहुमंजिला इमारत को पूरी तरह से जमींदोज (ध्वस्त) करने का आदेश जारी कर दिया है, जिसमें यह कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। कुछ दिनों पहले इसी इमारत की लिफ्ट टूटने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित की गई उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। जांच में सामने आया कि:
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नक्शा पास नहीं था: जिस व्यावसायिक इमारत में कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा था, उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत नहीं था।
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अवैध बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलें: स्वीकृत नियमों के विपरीत जाकर इमारत में अवैध रूप से बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया था।
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सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही: लिफ्ट की क्षमता से अधिक लोगों का बैठना और लिफ्ट का रखरखाव (Maintenance) न होना हादसे का मुख्य कारण बना। इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की भी कोई व्यवस्था नहीं थी।
LDA का सख्त आदेश
जांच रिपोर्ट के आधार पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी (उपाध्यक्ष) ने इमारत के मालिक और कोचिंग संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। संतोषजनक जवाब न मिलने और निर्माण को पूरी तरह अवैध पाए जाने के बाद, प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण (Demolition Order) का अंतिम आदेश जारी कर दिया है।
प्राधिकरण के मुताबिक: “अवैध रूप से बनी इस इमारत को गिराने के लिए तय समय सीमा दी गई है। यदि निर्धारित समय के भीतर मालिक खुद निर्माण नहीं हटाते हैं, तो एलडीए भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ इसे जमींदोज कर देगा। ध्वस्तीकरण का पूरा खर्च भी भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा।”
अब तक की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस और प्रशासन की तरफ से अब तक कई कड़े कदम उठाए जा चुके हैं:
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मुकदमा दर्ज: कोचिंग संचालक, मकान मालिक और लिफ्ट का रखरखाव करने वाली एजेंसी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC/BNS की संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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गिरफ्तारियां: मुख्य आरोपी कोचिंग संचालक और बिल्डिंग मालिक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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अन्य कोचिंग सेंटरों की जांच: इस हादसे के बाद पूरे लखनऊ (विशेषकर हजरतगंज, कपूरथला और अलीगंज जैसे कोचिंग हब) में चल रहे अन्य बेसमेंट और अवैध कोचिंग सेंटरों की बेसलाइन जांच शुरू कर दी गई है। दर्जनों असुरक्षित सेंटरों को सील किया जा चुका है।
पीड़ितों में आक्रोश और मुआवजे की मांग
हादसे में जान गंवाने वाले 15 छात्रों और अभिभावकों के परिवारों में गहरा शोक और आक्रोश है। सरकार ने पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन स्थानीय निवासियों और छात्र संगठनों का कहना है कि सिर्फ मुआवजा काफी नहीं है। ऐसे अवैध कॉम्प्लेक्सों को शह देने वाले जिम्मेदार एलडीए अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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