बांदा: तहसील बना अखाड़ा; EWS सर्टिफिकेट के लिए मांगी घूस, मना करने पर छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा,लेखपाल – BBC India News 24
09/09/26

बांदा: तहसील बना अखाड़ा; EWS सर्टिफिकेट के लिए मांगी घूस, मना करने पर छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा,लेखपाल

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की सदर तहसील में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक लेखपाल पर रिश्वत न देने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा। पीड़ित छात्र अपना हक मांगने तहसील गया था, लेकिन उसे वहां अपमान और लाठियां मिलीं।

घटना का घटनाक्रम

पीड़ित छात्र, जो अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लंबे समय से भटक रहा था, सदर तहसील के लेखपाल नरेंद्र सिंह के पास पहुंचा था। छात्र का आरोप है कि:

  • लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के बदले रिश्वत की मांग की।

  • जब छात्र ने विरोध किया और कहा कि वह गरीब है और पैसे नहीं दे सकता, तो लेखपाल अपना आपा खो बैठा।

  • देखते ही देखते लेखपाल ने छात्र को गालियां देनी शुरू कर दीं और उसे तहसील परिसर में ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

तहसील में मचा हड़कंप

बीच सड़क और तहसील परिसर में हुई इस मारपीट को देख वहां मौजूद भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति एक बेबस छात्र पर हाथ उठा रहा है।

प्रशासनिक एक्शन

मामला जिलाधिकारी (DM) और एसडीएम (SDM) के संज्ञान में आते ही हड़कंप मच गया।

  1. निलंबन: एसडीएम सदर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।

  2. विभागीय जांच: लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

  3. पुलिस कार्रवाई: पीड़ित छात्र की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति भंग सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की तैयारी में है।

अधिकारियों का पक्ष: > “भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” — संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, बांदा

छात्रों में भारी आक्रोश

इस घटना के बाद जिले के छात्र संगठनों में भारी रोष है। छात्रों का कहना है कि तहसील स्तर पर बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) के कोई काम नहीं होता। उन्होंने मांग की है कि केवल निलंबन काफी नहीं है, बल्कि भ्रष्ट लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जेल भेजने की कार्रवाई होनी चाहिए।


खबर का सार:

  • कहाँ: सदर तहसील, बांदा (U.P.)

  • मुख्य आरोपी: लेखपाल नरेंद्र सिंह

  • वजह: EWS सर्टिफिकेट के लिए रिश्वत न देना।

  • कार्रवाई: आरोपी लेखपाल निलंबित।

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