Crackdown on gang creating fake ID cards in the name of the Journalist Council of India; organization initiates legal action. – BBC India News 24
24/06/26
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Crackdown on gang creating fake ID cards in the name of the Journalist Council of India; organization initiates legal action.

जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के नाम पर फर्जी आईकार्ड बनाने वाले गिरोह पर शिकंजा, संगठन ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

पत्रकारिता की साख पर हमला बर्दाश्त नहीं, दोषियों को कानून के कटघरे तक पहुंचायेंगे

प्रतापगढ -देशभर में पत्रकारों के अधिकारों और पत्रकारिता की गरिमा के लिए कार्यरत जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी आईकार्ड बनाने और प्रसारित करने वाले कथित गिरोह का मामला सामने आया है। संगठन ने इसे पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सीधा हमला बताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है। मामले के उजागर होते ही संगठन ने तकनीकी और कानूनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी में जुट गया है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पश्चिम बंगाल के एक पत्रकार साथी ने जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के आधिकारिक व्हाट्सएप समूह से जुड़ने का अनुरोध किया। सत्यापन के दौरान उनके पास मौजूद संगठन का आईकार्ड संदिग्ध पाया गया। आगे की जांच में पता चला कि वह आईकार्ड संगठन द्वारा जारी ही नहीं किया गया था। पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्ति ने झारखंड से जुड़े एक मोबाइल नंबर और एक ई-मेल आईडी की जानकारी उपलब्ध कराई, जिसके माध्यम से कथित तौर पर यह फर्जी आईकार्ड भेजा गया था।
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि संगठन के आईकार्ड पर अशोक की लाॅट का इस्तेमाल किया गया जो कि इम्वलम एक्ट का गलत इस्तेमाल दर्शाता है और गंभीर प्रकरण है।इससे प्रतीत होता है कि कुछ लोग संगठित तरीके से जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसे केवल फर्जी आईकार्ड का मामला न मानते हुए संगठन व्यापक स्तर पर इसकी तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। संगठन की आईटी टीम डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र कर तकनीकी विश्लेषण में जुटी हुई है, ताकि पूरे नेटवर्क की पहचान की जा सके।

“पत्रकारिता की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा” — डॉ. अनुराग सक्सेना

जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ( रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व संगठन के नाम और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर पत्रकारिता की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। डॉ. सक्सेना ने बताया कि संगठन के विधिक सलाहकारों, जिनमें विभिन्न उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं, से लगातार परामर्श लिया जा रहा है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित एजेंसियों और साइबर सेल के समक्ष मामला रखा जाएगा ताकि दोषियों को कानून के कटघरे तक पहुंचाया जा सके। संगठन ने देशभर के पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा आम नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सामने आया संबंधित आईकार्ड पूरी तरह फर्जी है और उसका संगठन से कोई संबंध नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी फर्जी पहचान पत्र का उपयोग करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी स्वयं उसकी होगी। साथ ही यह भी कहा गया कि पत्रकारिता की पवित्रता और विश्वसनीयता की रक्षा के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई भविष्य के लिए एक मजबूत नजीर साबित होगी।

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