तेजसा नारी सम्मेलन में शामिल हुईं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि
प्रयागराज – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में आयोजित तेजसा नारी सम्मेलन में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए नारी शक्ति, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर विचार रखे।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मां दुर्गा का स्वरूप साहस, शक्ति और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। महिलाओं को इन आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए और समाज व राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी से देश के विकास को गति मिल सकती है। परिवार और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखना भी आवश्यक है। नारी सशक्तीकरण के लिए सांस्कृतिक मूल्यों के साथ-साथ शिक्षा, जागरूकता और अवसरों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन में नारी सम्मान और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी के विषय को प्रमुखता से उठाया गया। इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि ने मां जगदम्बा से सभी मातृशक्तियों पर कृपा बनाए रखने की कामना की।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

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