नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नए साल से ठीक पहले सशस्त्र बलों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) की भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का यह कदम न केवल पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि सीमा सुरक्षा बल को अधिक अनुभवी और प्रशिक्षित जवान भी प्रदान करेगा।
भर्ती नियमों में बड़ा संशोधन (2025)
गृह मंत्रालय ने ‘बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स एक्ट, 1968’ की शक्तियों का प्रयोग करते हुए भर्ती नियमावली 2015 में व्यापक संशोधन किया है। अब इन नियमों को “बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गैजेटेड) भर्ती (संशोधन) नियम, 2025” के नाम से जाना जाएगा। यह अधिसूचना 18 दिसंबर 2025 से देश भर में प्रभावी हो चुकी है।
कैसा होगा आरक्षण का नया गणित?
नए नियमों के लागू होने के बाद BSF में कांस्टेबल पदों पर होने वाली भर्तियों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा:
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50% कोटा: पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित।
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10% कोटा: पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए।
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03% कोटा: कॉम्बैटाइज्ड कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) के लिए।
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शेष पद: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) के माध्यम से सामान्य उम्मीदवारों के लिए।
दो चरणों में होगी भर्ती प्रक्रिया
भर्ती की पारदर्शिता और सुगमता बनाए रखने के लिए इसे दो विशेष चरणों में विभाजित किया गया है:
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प्रथम चरण: नोडल फोर्स द्वारा विशेष रूप से पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत सीटों पर सीधी भर्ती का आयोजन किया जाएगा।
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द्वितीय चरण: एसएससी (SSC) के जरिए बाकी 47 प्रतिशत वैकेंसी भरी जाएंगी। यदि प्रथम चरण में अग्निवीरों की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भी इसी चरण में समाहित कर भरा जाएगा।
फिजिकल टेस्ट (PET/PST) से मिलेगी पूर्ण छूट
पूर्व अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि उन्हें अब शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से नहीं गुजरना होगा। चूंकि अग्निवीर भारतीय सेना में पहले ही कठोर प्रशिक्षण और कठिन शारीरिक मापदंडों को पूरा कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें इस प्रक्रिया से मुक्त रखा गया है। साथ ही, उन्हें अधिकतम आयु सीमा में भी विशेष रियायत दी जाएगी।
महिला उम्मीदवारों के लिए विशेष व्यवस्था
संशोधित नियमों में महिला कांस्टेबलों के लिए भी स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। बल की जरूरतों और कार्यक्षेत्र की संवेदनशीलता के आधार पर BSF के महानिदेशक (DG) प्रतिवर्ष महिला रिक्तियों की संख्या तय करेंगे, ताकि बल में आधी आबादी की भागीदारी सुनिश्चित बनी रहे।
न्यूज़ एनालिसिस: आखिर क्यों लिया गया यह फैसला? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय के पीछे सरकार के दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला—अग्निवीर योजना के बाद रोजगार को लेकर उठ रहे सवालों को पूरी तरह समाप्त करना। दूसरा BSF जैसे संवेदनशील बल में पहले से प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं को तैनात कर राष्ट्रीय सुरक्षा को अधिक अभेद्य बनाना।
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