गुजरात और महाराष्ट्र में इस समय मॉनसून की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। दोनों राज्यों के कई शहर और गांव पानी में डूब चुके हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर समंदर जैसा नजारा है, नदियां उफान पर हैं और हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
इस भयंकर बाढ़ और तबाही से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:
1. गुजरात में सूरत और दक्षिण हिस्से का बुरा हाल
गुजरात का सूरत शहर इस समय बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। सूरत में रिकॉर्डतोड़ 358 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है, जिससे आधे से ज्यादा शहर पानी में समा गया है।
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बाढ़ की स्थिति: सूरत की कई पॉश सोसाइटियों और निचले इलाकों में 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है। हालात इतने खराब हैं कि कई इलाकों में लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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रेस्क्यू और रेफ्यूज: एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन ने सूरत के श्रीराम नगर जैसी सोसाइटियों से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है। अब तक 3,400 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है और लगभग 3,800 लोगों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
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नदियों का रौद्र रूप: अमरेली में धातरवाडी-2 बांध के 20 गेट खोलने पड़े हैं, जिससे धातरवाडी नदी उफान पर आ गई है। नवसारी में अंबिका नदी और वड़ोदरा में ओरसंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
2. महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे और पुणे जलमग्न
महाराष्ट्र के तटीय इलाकों (कोंकण), मुंबई और पुणे में बारिश आफत बनकर बरसी है।
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यातायात ठप: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पालघर के वसई-विरार सेक्शन में रेलवे ट्रैक डूब गए हैं, जिससे गुजरात और मुंबई को जोड़ने वाली कई लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। भोर घाट इलाके में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के कारण मुंबई-पुणे रूट पर भी यातायात बाधित हुआ है।
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वसई और ठाणे में हाहाकार: वसई के मधुबन इलाके में करीब 5 फीट पानी भरने से दर्जनों कारें पानी में डूब गईं और बह गईं। ठाणे जिले में बाढ़ से संबंधित हादसों में पिछले एक हफ्ते में नुकसान की खबरें आई हैं।
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पुणे में हादसा: पुणे के पिंपरी चिंचवड़ (मोशी) इलाके में भारी बारिश के बाद एक विशाल कचरे का ढेर (Garbage Mound) तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत पर ढह गया, जिससे इमारत जमींदोज हो गई। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी है।
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रायगढ़ में सिलेंडर बहे: रायगढ़ जिले में पातालगंगा नदी का पानी एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में घुस गया, जिससे पानी के तेज बहाव में लगभग 3,000 गैस सिलेंडर बह गए।
मुख्य आंकड़े और मौजूदा स्थिति
| राज्य | सबसे प्रभावित क्षेत्र | मुख्य प्रभाव |
| गुजरात | सूरत, नवसारी, अमरेली, वड़ोदरा, अहमदाबाद | शहर डूबे, नदियों में उफान, 7,000+ लोग विस्थापित, राहत शिविरों में भोजन पैकेट बांटे जा रहे हैं। |
| महाराष्ट्र | मुंबई, ठाणे, पालघर (वसई), पुणे, रायगढ़ | लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित, जलभराव, इमारत ढहने की घटनाएं, नदियों का जलस्तर बढ़ा। |
प्रशासनिक मुस्तैदी: हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर स्थिति की समीक्षा की है। केंद्र सरकार की ओर से दोनों राज्यों को सेना, एनडीआरएफ और हर संभव सहायता का पूरा आश्वासन दिया गया है।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुजरात के अमरेली, भरूच, भावनगर, नवसारी, सूरत और तापी जैसे जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जहां 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। महाराष्ट्र के भी तटीय जिलों में अगले 48 घंटों तक अलर्ट जारी किया गया है और नागरिकों को बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
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