जौनपुर/ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेरी/जौनपुर। थाना सुरेरी क्षेत्र के ग्राम सभा जगदीशपुर निवासी पत्रकार रोहित मिश्रा पुत्र त्रिलोचन मिश्रा पर मंगलवार, 22 सितंबर को कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार ने पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों पर गोलबंद होकर हमला करने, पीछा करने तथा बाद में घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पत्रकार और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है
पीड़ित के अनुसार, वह सुबह अपने छोटे बच्चे को स्कूल छोड़कर मोटरसाइकिल से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान जगदीशपुर स्कूल के पास कुछ लोग कथित रूप से गोलबंद होकर पहुंचे और लोहे की रॉड से हमला करने का प्रयास किया। स्थिति को भांपते हुए पत्रकार ने मोटरसाइकिल की गति बढ़ाई और किसी तरह मौके से निकलने में सफल रहे। आरोप है कि हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए चौरामाता मंदिर तक दौड़ाया। पीड़ित का कहना है कि घटनाक्रम से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, जिसे जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा पत्रकार के पास घटना से संबंधित कुछ वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध होने की बात कही गई है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
पीड़ित पत्रकार के मुताबिक, कथित हमलावर इसके बाद उनके घर तक पहुंचे और लाठी-डंडे लेकर घर में प्रवेश कर गाली-गलौज तथा मारपीट की। इस दौरान पत्रकार और उनकी पत्नी के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। आरोप है कि पत्रकार की पत्नी को धक्का दिया गया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। घटना के बाद पत्रकार ने थाना सुरेरी में प्रार्थना-पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई तथा स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पत्रकार समाज को घटनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट या धमकी की घटना केवल व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं मानी जा सकती; यह पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के वातावरण से भी जुड़ा विषय है। हालांकि, घटना के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे मामलों में पुलिस की निष्पक्ष जांच, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई और पत्रकार व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।
पत्रकार रोहित मिश्रा ने पुलिस से मांग की है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराई जाए, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने आशंका जताई है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में उनके अथवा उनके परिवार के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है।
अब निगाह पुलिस की कार्रवाई पर है कि उपलब्ध सीसीटीवी एवं वीडियो साक्ष्यों की जांच के बाद पूरे मामले की वास्तविकता क्या सामने आती है और आरोपों में शामिल बताए जा रहे लोगों के विरुद्ध क्या कानूनी कदम उठाया जाता है।
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