उठो गाँव के भाग्य विधाता, अब अपनी शक्ति पहचानो।
वक्त आ गया करो फैसला , अब तुम सच और झूठ को जानो।
वोट आपका हीरा है, इसे व्यर्थ न जाने देना,
गाँव की खुशहाली के खातिर, सही हाथ चुन लेना।
कच्ची गलियां रात अंधेरी, बीते कल की बात हुई।
पक्की सड़कें नई रोशनी, घर घर होगी सही सही।
नौजवान को आदर और वृद्धों को सम्मान मिले,
ऐसा सुंदर चमन खिले, हर चेहरे पर मुस्कान मिले।
हाथ जोड़कर खड़ा द्वार पर, सेवक बनकर आया हूँ,
सत्ता का है लोभ नही, मैं प्यार का रिश्ता लाया हूँ।
झूठ की सब दीवार गिरेगी, दर्पण सा हर होगा काम ।
खुशहाली का उदय सुर्य हो ,हर ग्रामीण का होगा नाम।
जात.पात का जहर खिलाकर , हमको.तुमको बाँटेंगे,
पहले हमको अलग करेगे, फिर बारी बारी काटेगे।
शिक्षित, कर्मठ, नेक इरादा,यह पहचान हमारी है।
हीरे को अनमोल जानलो,तो हम सब पर भारी है।
वादा नेता करते है, हम सपने नही दिखाएगे,
नाला,नाली सड़क खड़ंजा ,अच्छे से बनवाएगे।
किये भरोसा खाये धोखा, अब हम क्या समझाएगे।
वादा नही हकीकत है कि हम कुछ कर दिखलाएगे।
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