मां: प्रेम, त्याग और ममता का अनुपम स्वरूप – आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि “टीना मां”
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश -अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि “टीना मां” ने समस्त मातृशक्ति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां इस सृष्टि की सबसे पवित्र और अनमोल शक्ति हैं। मां का स्नेह, त्याग और समर्पण ही परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत आधार प्रदान करता है,उन्होंने कहा कि एक मां अपने बच्चों को केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि उन्हें संस्कार, अनुशासन, करुणा और जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करती है। मां का प्रेम निस्वार्थ होता है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों का सहारा बनकर खड़ा रहता है। भारतीय संस्कृति में मां को ईश्वर के समान स्थान दिया गया है और उनके चरणों में स्वर्ग माना गया है, “टीना मां” ने कहा कि मातृ दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मां के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और प्रेम प्रकट करने का अवसर है। हमें अपने जीवन में सदैव अपनी माताओं का सम्मान करना चाहिए और उनके त्याग को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे अपनी माताओं की सेवा करें, उनके स्वास्थ्य और सम्मान का ध्यान रखें तथा परिवार में प्रेम और संस्कारों की भावना को मजबूत बनाएं। अंत में उन्होंने सभी माताओं के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

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