जौनपुर: सुरेरी थाने में रिश्वतखोरी और दबंगई प्रगति पर, पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप, उच्च अधिकारियों से न्याय की मांग  – BBC India News 24
04/03/26
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जौनपुर: सुरेरी थाने में रिश्वतखोरी और दबंगई प्रगति पर, पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप, उच्च अधिकारियों से न्याय की मांग 

जौनपुर/ब्रेकिंग

जमुआ जगदीशपुर, जौनपुर। थाना सुरेरी अंतर्गत एक मामला सामने आया है  आशिष कुमार यादव पुत्र पारस नाथ यादव ने अपने पड़ोसियों पर ज़बरन जमीन में नाली निर्माण के नाम पर दबाव बनाने, मारपीट करने और घर में घुसकर हमला करने का आरोप लगाया है।  पीड़ित आशिष यादव का कहना है कि दिनांक 03 अगस्त 2025 को सुबह करीब 9 बजे समरजीत पुत्र स्व. शंकर यादव, दया यादव पुत्र समरजीत एवं मनीष कुमार पुत्र चन्द्रिका देवमणि सहित अन्य लोग लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर लेकर उनके मकान पर चढ़ आए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला किया गया। आशिष ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन आरोपियों ने घर में घुसकर भी उन्हें मारा-पीटा। शोर सुनकर स्थानीय लोग इकट्ठा हुए तब जाकर मामला शांत हुआ।

बता दे आपको पीड़ित जब थाना सुरेरी पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, तो उन्हें न्याय की बजाय भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। आशिष का आरोप है कि थानाध्यक्ष राजेश मिश्रा और सिपाही विकास यादव ने एफआईआर दर्ज करने व मेडिकल कराने के बदले ₹24,000 की रिश्वत मांगी, जिसमें से ₹4,000 तत्काल ऑनलाइन दिए गए। लेकिन अभी भी शेष ₹20,000 की मांग की जा रही है और धमकी दी जा रही है कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और फर्जी मुकदमे में फंसाया जाएगा।

आशिष का यह भी आरोप है कि रात के समय पुलिसकर्मी उनके घर आकर धमकी देते हैं और गाली-गलौज करते हैं, जिससे परिवार काफी डरा हुआ है। इतना ही नहीं, थाने से फोन कर यह भी कहा गया कि “एफआईआर दर्ज हो गई है, अब आगे कोई कदम मत उठाना, नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।” यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पीड़ित ने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और उच्च अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस घटना ने न सिर्फ पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पीड़ित की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है। आशिष यादव ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री कार्यालय से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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