जौनपुर/सुरेरी
सुरेरी गांव से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खेत में नीचे लटक रहे 440 वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से 23 वर्षीय हर्ष सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके पिता पंकज सिंह गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उनका इलाज अस्पताल में जारी है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मृतक हर्ष सिंह मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रहे थे। परिवार और गांव वालों को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। ग्रामीणों का कहना है कि हर्ष पढ़ाई में बेहद होनहार थे और डॉक्टर बनकर परिवार का नाम रोशन करना चाहते थे। लेकिन बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने उनके सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को पंकज सिंह अपनी भैंस को निकालने के लिए हरे चारे वाले खेत में गए थे। खेत में पानी भरा हुआ था और ऊपर से 440 वोल्ट का बिजली तार काफी नीचे लटक रहा था। इसी दौरान जब उन्होंने भैंस को हांकने के लिए भीगा हुआ डंडा उठाया, तो वह बिजली के तार के संपर्क में आ गया। देखते ही देखते पानी भरे खेत में तेज करंट फैल गया और पंकज सिंह मौके पर ही गिरकर तड़पने लगे।
अपने पिता को बचाने के लिए दौड़े बेटे हर्ष सिंह ने जैसे ही उन्हें पकड़ने की कोशिश की, वह भी करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गांव वालों ने किसी तरह बिजली का तार हटाकर दोनों को खेत से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने हर्ष को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। मां अपने जवान बेटे की मौत से बेसुध है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बिजली का तार लंबे समय से नीचे लटक रहा था और इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का कहना है कि बरसात और खेतों में पानी भरने के दौरान नीचे लटकते बिजली के तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते थे, बावजूद इसके विभाग ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग केवल बिजली बिल वसूली में सक्रिय रहता है, लेकिन लोगों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं विद्युत विभाग के एसडीओ मुरलीधर मौर्या ने कहा कि उन्हें तार लटकने की जानकारी नहीं थी, फिर भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग अब अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है। गांव वालों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
फिलहाल पूरे सुरेरी गांव में शोक और गुस्से का माहौल है। एक मां ने अपना जवान बेटा खो दिया, एक पिता जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है और पूरा गांव प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
BBC INDIA NEWS 24
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